संदीप तिवारी, नईदुनिया रायपुर। देश के दूसरे राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णनन की जयंती पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर देशभर के 46 शिक्षकों को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलेगा। इसमें छत्तीसगढ़की राजधानी रायपुर से सहायक शिक्षक ममता अहार का चयन हुआ है।
लाखे नगर निवासी ममता रायपुर के शासकीय प्राइमरी स्कूल पं. सखाराम दुबे स्कूल में सहायक शिक्षक के रूप में पदस्थ हैं। ममता पिछले 23 वर्ष से बच्चों कोपढ़ाने के लिए तरह-तरह के स्वयं ही गीत निर्मित कर रही हैं।
शिक्षक दिवस पर देशभर से चुने गए सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को राष्ट्रपति के द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित करने की परंपरा रही है। इसी के तहत उनका चयन हुआ है। प्रदेश के स्कूल शिक्षा के प्रमुख सचिव डा. आलोक शुक्ला ने ममता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसे शिक्षक दूसरे शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
पाठ को बदल देती हैं पंथी और पंडवानी में
ममता ने शिक्षा के विस्तार के लिए कई उल्लेखनीय काम किए हैं। खासकर बच्चों को नृत्य-संगीत के माध्यम से रोचक तरीके से पढ़ाने के लिए वह पाठ को पंडवानी और पंथी में बदल देती हैं। नृत्य व संगीत के माध्यम से बच्च्चों को शिक्षा के प्रति आकर्षित करने का फार्मूला देकर ममता राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुई हैं। हिन्दी ही नहीं, अंग्रेजी , गणित विषयों पर भी ममता ने गीत रचना की है। पहाड़ा को नाच-नाचकर पढ़ाने के लिए उन्होंने गीत की रचना की है।
इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग की सरकारी योजनाओं से बच्चों व अभिभावकों को जागरुक करने के लिए भी यह गीत की रचना करती हैं। इसके पहले ममता अहार ने प्रदेश की आमा राइट योजना के लिए गीत गाया था। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान गमियों में ममता अहार घूम-घूमकर लोगों को सुनो-सुनो दीदी हो, आमा राइट के बात ल..., आमाराइट योजना जिला शिक्षा अधिकारी एएन बंजारा ने शुरू की थी जिसे प्रदेशभर में लागू किया गया था।
इसी तरह कोरोना काल में लोगों को टीकाकरण यानी वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित करने को उन्होंने चलव-चलव दीदी हो, टीका लगाए बर, चले चलो...,अंगना मा शिक्षा कार्यक्रम के तहत माताओं के उन्मुखीकरण के लिए अंगना मा शिक्षा के है बात, सुन तो दाई, लईका ल पढ़ाय के हे बात..., जैसे कई गीतों के माध्यम से न केवल बच्चों को, बल्कि समाज को भी जागरुक करने का काम किया है। जिला शिक्षा अधिकारी एएन बंजारा ने कहा कि ममता अहार अपनी कला के माध्यम से बच्चों के पठन-पाठन कार्य को बेहतर रोचक ढंग से प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने ममता को बधाई दी है।
यह होती है चयन की प्रक्रिया
राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए देशभर से 10 जुलाई तक आवेदन मंगाए गए थे। इसमें शिक्षकों को आनलाइन आवेदन करना था। इसके तहत तीन आनलाइन, कठोर और पारदर्शी चरणों से गुजरना पड़ा। सबसे पहले राज्य स्तर कमेटी ने ममता के नाम पर सहमति दी। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार ने सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को पुरस्कार देने के लिए कमेटी से परीक्षण कराया।
ये है ममता अहार
शिक्षा :
बी. ए., एम. ए. (मनोविज्ञान एवं हिन्दी साहित्य), बी. एड., बी. जॆ. एम. सी., लोक संगीत मॆं डिप्लोमा।
अध्यापन-
पिछले 10 साल से शिक्षण कार्य
पुरस्कार -
छ.ग. शासन द्वारा सन 2016 शिक्षा दूत पुरस्कार, शिक्षक नृत्य प्रतियोगिता 24.1.17 प्रथम स्थान(छ.ग. शासन), राज्य शिक्षक सम्मान (राज्यपाल द्वारा)
नाटकों मॆं अभिनय
इप्टा, अवंतिका, भारतीय स्टेट बैंक, सीईई जैसी संस्थाओं द्वारा मंचित अच्छॆ आदमी, दास्तानॆ नसीरूद्दीन, तलछट, गोड़ कॆ धुर्रा, लड़की पढ़कर क्या करॆगी, गोदान, उसकी मां, जंगल का डर, औरत, हरिश्चन्द्र की लड़ाई, “सीमांतिका” (24 वां राष्ट्रीय नाट्य समारोह, एसबीआई, जागो जवान जागो नाटकों में अभियन
पंडवानी गायन-
गुरू श्रीमती तीजन बाई के निर्देशन में संस्कृति विभाग रायपुर, बिलासा महोत्सव, बिलासपुर तथा अन्य स्थानों पर पंडवानी गायन।
दूरदर्शन-
दूरदर्शन रायपुर सॆ प्रसारित नाटक – पर्रा भांवर, बबलू का बर्थ डॆ, अधर्मी, रंग झांझर, साक्षात्कार व वृत्त चित्र,1.ठाकुर प्यारॆलाल, 2.पं सुन्दरलाल शर्मा।
आकाशवाणी-
(1) पांच साल तक युववाणी रायपुर मॆं कंपीयर
(2) छत्तीसगढ़ी नाट्य स्वर परीक्षा मॆं बी ग्रॆड उत्तीर्ण
(3) हिन्दी नाट्य स्वर परीक्षा मॆं बी ग्रॆड उत्तीर्ण
(4) आकाशवाणी मॆं नाट्य लॆखन
(आकाशवाणी सॆ वार्ता अनुगुंज, नाटक, परिचर्चा, तथा अन्य कार्यक्रमों मॆं अनवरत् प्रतिभागिता)
पुस्तक-
1.कालचक्र” हिन्दी नाटक
2. राधामाधव (उद्भ्रांत की पुरस्कृत कृति प्रबंदकाव्य राधामाधव का छ्तीसगढ़ी अनुवाद )
संबंद्धता
सन् 2003 सॆ श्रीया आर्ट सांस्कृतिक संस्था कॆ नाट्य शिविर मॆं नाट्य लॆखन, निर्दॆशन, मंचन, संचालन।
सामाजिक कार्य
महिलाओं कॆ शोषण, भ्रूण हत्या, डायन (टोनही) प्रथा व अंधविश्वास कॆ खिलाफ गोष्ठी, जनसभा और नाट्य का आयोजन कर समाधान का प्रयास करना ।
उपलब्धि
1.अखिल भारतीय सांस्कृतिक संघ एवं युनॆस्को पुणॆ कॆ राष्ट्रीय बहुभाषीय नाट्य स्पर्धा मॆं “कलियुग लीला“ को बॆस्ट प्रोडक्शन का पुरस्कार
छत्तीसगढ़ की एकमात्र अभिनॆत्री जो एक पात्रीय महिला पात्र को सन् 2010 जनवरी सॆ अभिनीत करती आ रही है।
2. राज्योत्सव सम्मान-2011 राज्योत्सव,
3. प्रमोद वर्मा सम्मान कंबोडिया
4. छ. ग. रंग मंडल द्वारा सर्वश्रॆष्ठ अभिनॆत्री पुरस्कार
5. ए.बी.फिल्म द्वारा सर्वश्रॆष्ठ रंगकर्मी सम्मान
6. संस्कृति गौरव सम्मान लंदन
7. छ.ग. शासकीय अभियंता संघ-प्रतिभावान महिला सम्मान
8. मीरा स्मारक, मॆड़ता (राज.) द्वारा सम्मान
9. मीरा स्मृति संस्थान चित्तौड़गढ़ द्वारा सम्मान
10. श्री औघड़ साई सॆवा समिति श्री औघड़ साई सॆवा सम्मान
11. दाऊ रामचंद्र दॆशमुख पुरस्कार, इजिप्ट
12. राग रंग संस्था द्वारा नोनी अवार्ड
13. वक्ता मंच द्वारा संघर्षशील महिला अवार्ड
14.राष्ट्र भाषा प्रचार समिति विश्व हिंदी गौरव सम्मान
15.भारतीय भाषा एवं संस्कृति सम्मान न्यूयार्क(अमॆरिका)
16. शिक्षा दूत पुरस्कार(छ.ग. शासन)
17. रविशंकर वि. वि. मनोविज्ञान विभाग द्वारा सम्मान,
18. डबरा ग्वालियर शिक्षक सम्मान
19. लक्ष्मी सहकारी बैंक सम्मान (पूनम ढिल्लो द्वारा)
20. गन्तव्य संस्था (दिल्ली)
21. रॆडियो रंगीला द्वारा स्त्री शक्ति सम्मान
22. शांति बाई स्त्री शक्ति सम्मान
23. संस्कृति गौरव सम्मान व कला सिंधु सम्मान
24. भारतीय भाषा एवम् संस्कृति संगम से नृत्य शिरोमणि पुरस्कार
25. श्री सरल सरिता भजनामृत संस्था द्वारा नायिका रत्न सम्मान
26. गुरू घासीदास साहित्य संस्कृति अकादमी-मिनी माता सम्मान
27. भा. दलित सा.अकादमी-मिनी माता सांस्कृतिक दूत पुरस्कार
28. कुरूक्षॆत्र विश्वविद्यालय (कुरूक्षॆत्र) द्वारा सम्मान
29. राष्ट्रभारती सम्मान (नई दिल्ली)
30. सुकरात सम्मान (एथेंस)
31. संजा लोकोत्सव सम्मान (उज्जैन)
32. नारी रत्न सम्मान (इंदौर)
मीरा नाट्य मंचन
- माउंट आबू शरद महोत्सव सन् 2010
- पुष्कर मॆला 2011
- कोलायत मॆला (बिकानॆर) 2011
- म.प्र.-नर्मदा कुंभ (मंडला)
- छ.ग.–राज्योत्सव
- चक्रधर समारोह
- राजिम कुंभ, एवं भारत कॆ अन्य राज्यों मॆं
- नॆपाल–काठमांडु, बीरगंज, लुम्बिनी
- कम्बोडिया, वियतनाम, थाइलैंड दुबई,लंदन, इजिप्ट, अमॆरिका आदि विदेश के कई शहरों में
द्रौपदी नाट्य मंचन
संस्कार, आस्था चॆनल सॆ प्रसारण, पुष्कर मॆला सन् 2012, नॆपाल आस्ट्रॆलिया, हंगरी,मिश्र,काठमांठु एवं अन्य शहरों मॆं
यशोधरा नाट्य मंचन
सर्वप्रथम नॆपाल(लुम्बिनी,काठमांडु) फरवरी सन् 2013 एवं भारत कॆ अन्य राज्यों मॆं
सांस्कृतिक यात्रा
अमॆरिका, कनाडा, लंदन, पॆरिस, स्विट्जरलैंड, बॆल्जियम, नीदरलैंड, आस्ट्रिया, हंगरी, चॆक, जर्मनी, आस्ट्रॆलिया मॆं सिडनी मॆलबोर्न, कॆन्स, ब्रिस्बॆन, गोल्ड कोस्ट. थाइलैंड, वियतनाम, कंबोडिया, दुबई, शारजाह, आबूदाबी, इजिप्ट, कुवैत, टर्की, स्लोवाकिया, नॆपाल (दो बार), रूस, ग्रीस