
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। राज्य में गांजा तस्करी रोकने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ी तैयारी की है। ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से छत्तीसगढ़ होकर होने वाली तस्करी को रोकने के लिए तीन वर्षीय कार्ययोजना बनाई गई है। नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 के तहत अब उत्पादन से लेकर परिवहन, आपूर्ति और बिक्री तक जुड़े पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में गांजा तस्करी के 490 प्रकरण दर्ज हुए थे। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 563 हो गई। वर्ष 2026 में अगस्त तक 296 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि तस्करी का ग्राफ लगातार बना हुआ है।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार ओडिशा से महासमुंद-रायपुर और गरियाबंद-धमतरी रूट होते हुए गांजा देश के 15 से अधिक राज्यों तक पहुंचाया जा रहा है। इनमें महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, दमन दीव, जम्मू कश्मीर, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा शामिल हैं। तस्करी के लिए सीमावर्ती जंगलों और ग्रामीण सड़कों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वर्ष 2026 में रायपुर ग्रामीण, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद और बलौदाबाजार जिलों में कुल 11,068.988 किलो गांजा जब्त किया गया है।
गृह विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी 2025 से 15 जून 2026 के बीच राज्य में गांजा तस्करी के 970 मामले दर्ज हुए और 1,975 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 32,249.81 किलोग्राम यानी करीब 32.25 टन गांजा जब्त किया गया। जिलों में महासमुंद सबसे संवेदनशील जिला रहा, जहां सबसे ज्यादा जब्ती हुई। पिछले पांच साल में गांजा, ड्रग्स समेत सूखे नशे के कुल 5,058 प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
नए विजन डॉक्यूमेंट के तहत अब सिर्फ तस्करी पकड़ने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। तस्करी से अर्जित संपत्ति को कुर्क करने और परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को राजसात कर नीलाम करने की तैयारी है। इससे तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने का लक्ष्य है।
रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत 185 अपराध दर्ज कर 330 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान करीब सात करोड़ रुपये मूल्य के विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थ जब्त किए गए। एनडीपीएस मामलों में 174 प्रकरणों में 272 लोगों को दोषसिद्धि हुई है। एनडीपीएस के 24 मामलों में से 8 पर आदेश जारी हो चुके हैं, जबकि 16 मामले लंबित हैं। वहीं सफेमा के सात मामलों में चार तस्करों की नौ करोड़ रुपये की संपत्ति कोर्ट के आदेश पर कुर्क की जा चुकी है।
वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत रायपुर के तीन न्यायालयों में 197 प्रकरणों में 336 व्यक्ति शामिल थे। वर्ष 2026 में 30 सितंबर तक 188 प्रकरणों में 299 व्यक्तियों से संबंधित मामले दर्ज हुए। इनमें 10 वर्ष से कम सजा वाले 101 मामलों में 138 व्यक्ति, 10 वर्ष की सजा वाले 37 मामलों में 60 व्यक्ति और 10 वर्ष से अधिक सजा वाले 50 मामलों में 101 व्यक्ति शामिल हैं।
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