
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रदेश के बस्तर, रायपुर और दुर्ग सहित कई संभागों में पिछले तीन दिनों से अतिवृष्टि का दौर (CG Weather 26 September) जारी है। बस्तर संभाग में इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। यहां इंद्रावती, सबरी सहित सभी नदियां उफान पर हैं और खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
पड़ोसी राज्य ओडिशा में इंद्रावती नदी पर बने खातीगुड़ा और इसकी सहायक नदी मुरान के बांध के गेट खोलने से स्थिति और बिगड़ गई है। तीन सौ से अधिक गांव बाढ़ से घिरकर टापू बन गए हैं। इधर, धमतरी में करीब 28 साल बाद गंगरेल बांध के सभी 14 गेटों से ढाई लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया। बारिश को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है।

बस्तर जिले में 250 मिमी तक पानी गिरा है। यहां नगरनार क्षेत्र के भेजापदर, तोकापाल के घाट धनोरा समेत एक दर्जन से ज्यादा गांवों में बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को SDRF की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला और राहत शिविरों में भेजा है। सौ से अधिक मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-30 रायपुर-कोंटा और राष्ट्रीय राजमार्ग-63 जगदलपुर-बीजापुर-भोपालपत्तनम कई जगहों पर बाधित हो गया है। किरंदुल-कोत्तावालसा रेललाइन कोरापुट रेलखंड में चार जगहों पर भू-स्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे ट्रेनें बंद हो गई हैं। हैदराबाद-जगदलपुर-रायपुर फ्लाइट दो दिनों से बंद है।
रेलमार्ग बहाल होने में तीन से चार दिन का समय लग सकता है। सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। दक्षिण में कोंटा नगर से लेकर जगदलपुर में निचली बस्तियों में पानी भरने से कई मकान डूब गए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिले में देखा जा रहा है।
रायपुर शहर में भी 110 मिमी बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण राजनांदगांव में 25 सितंबर को प्रस्तावित झांकी का आयोजन एक दिन के लिए टाल दिया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शनिवार को प्रदेश में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। एक-दो जगहों पर अतिवृष्टि के साथ गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। रविवार से बारिश की तीव्रता और फैलाव में कमी आने की संभावना है।