
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून का प्रभाव अभी थमा नहीं है। प्रदेश के अनेक अंचलों में रविवार को आसमान में बादलों का डेरा रहने के साथ हल्की से मध्यम वर्षा और वज्रपात की परिस्थितियां बन सकती हैं। मौसम केंद्र ने 6 सितंबर को राज्य भर में अंधड़ चलने और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर सतर्कता चेतावनी (अलर्ट) जारी की है। बीते 24 घंटों में भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में वर्षा दर्ज की गई, जिसमें लोरमी, दरिमा और कुमरदा में 10-10 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को प्रदेश के कई जिलों में गर्जना के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं। आगामी कुछ दिनों तक मौसम का मिज़ाज ऐसा ही बना रहेगा, जिसके चलते दिन और रात के तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बिलासपुर संभाग में भी गरज-चमक के साथ एक-दो दौर की बारिश की संभावना जताई गई है, जहां अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का यह क्रम केवल रविवार तक सीमित नहीं रहेगा। 7 और 8 सितंबर को भी राज्य के अनेक स्थानों पर स्थानीय स्तर पर तेज हवाओं और कड़क के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम में अचानक होने वाले इस बदलाव को देखते हुए नागरिकों को सुरक्षित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग द्वारा जारी आगामी पूर्वानुमान के अनुसार, 9 से 12 सितंबर के मध्य प्रदेश के कई अंचलों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। अलग-अलग जिलों में बारिश की तीव्रता में भिन्नता देखने को मिल सकती है, इसलिए स्थानीय मौसम बुलेटिन पर लगातार नजर रखने का परामर्श दिया गया है।
खराब मौसम के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की आशंका बनी रहती है। प्रशासन ने आमजन और विशेषकर खेतों में काम करने वाले किसानों को चेतावनी दी है कि कड़क-चमक के दौरान वे खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और लोहे के खंभों से दूरी बनाए रखें तथा तत्काल किसी सुरक्षित पक्के स्थान की शरण लें। बादलों की आवाजाही के बीच प्रदेश में औसतन अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।