छत्तीसगढ़ मौसम अपडेट: अर्णब से उबरे अब मुरासु सिर पर, चक्रवाती तूफान के असर से दो दिन होगी बारिश
बंगाल की खाड़ी का गहरा अवदाब चक्रवात बनकर आंध्र प्रदेश तट की तरफ बढ़ रहा है जिससे तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश और तूफान का खतरा काफी बढ़ गया है।
Publish Date: Sun, 01 Nov 2026 03:56:55 PM (IST)Updated Date: Sun, 01 Nov 2026 04:22:13 PM (IST)
मौसम विभाग की ओर से जारी चक्रवाती तूफान के प्रस्तावित पथ में आता दक्षिण छत्तीसगढ़ का हिस्सा। - मौसम विभागHighLights
- बंगाल की खाड़ी में गहरा अवदाब हुआ सक्रिय
- आंध्र प्रदेश तट पर चक्रवाती तूफान की चेतावनी
- छत्तीसगढ़ में भी मौसम पर दिखेगा इसका असर
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। बं राज्य के चक्रवाती तूफान अर्णब से हुए नुकसान का अभी आंकलन भी नहीं हो पाया है वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती सिस्टम तैयार होने की चेतावनी जारी की है। चक्रवात के नामकरण की कड़ी में इसका नाम मुरासु होना है। इधर, सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 2 नवंबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछेक स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
इसके बाद, 3 और 4 नवंबर को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने का अनुमान है। इस मौसम प्रणाली को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं ताकि किसी भी संभावित आपदा से निपटा जा सके।
मौसम विभाग ने जारी किया बुलेटिन
दक्षिण-पूर्व और उससे लगे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा अवदाब की प्रणाली आने वाले 48 घंटों में एक भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले सकती है। प्रशासन ने सभी तटीय इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और समुद्र में काम करने वाले मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक तट से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
तीन नवंबर को टकराएगा तट से
चक्रवाती प्रणाली चेन्नई से लगभग 630 किलोमीटर, विशाखापत्तनम से 710 किलोमीटर, नेल्लोर से 710 किलोमीटर, मछलीपट्टनम से 710 किलोमीटर और ओंगोल से 750 किलोमीटर की दूरी पर स्थित थी। जल्द ही इसके चक्रवाती तूफान में बदलने उसके बाद दो नवंबर को इसके पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक प्रचंड चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की प्रबल संभावना है। तूफान 03 नवंबर 2026 की प्रातः तक नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश तट को पार करेगा। हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
छत्तीसगढ़ के मौसम पर चक्रवात का विशेष प्रभाव
समुद्री तूफान के असर से छत्तीसगढ़ का मौसम भी प्रभावित होगा। मौसम विभाग ने राज्य के दक्षिणी हिस्से यानी बस्तर संभाग, दंतेवाड़ा, सुकमा, और बीजापुर सहित राजनांदगांव और दुर्ग संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की चेतावनी जारी की है।
प्रशासन अलर्ट पर
आपातकालीन सेवाओं और आपदा प्रबंधन इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वे खुले में रखे खाद्यान्न और फसलों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। रेलवे और विमानन विभागों ने भी तटीय क्षेत्रों की ओर जाने वाली गाड़ियों और उड़ानों पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है। मौसम विभाग लगातार उपग्रहों के जरिए इस पूरे सिस्टम पर नजर बनाए हुए है और हर घंटे नए अपडेट जारी कर रहा है ताकि समय रहते सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा सकें।