
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी रायपुर में अप्रैल की तपिश ने इस बार पांच वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो वर्ष 2021 के बाद सबसे अधिक है और सामान्य से 4.2 डिग्री ज्यादा है।
प्रदेश में गर्मी ने इस कदर असर दिखाया कि राजनांदगांव 45.5 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। जबकि रायपुर भी 45 डिग्री के बेहद करीब पहुंच गया।
तेज धूप और गर्म हवा ने दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। दोपहर में सड़कें सूनी नजर आ रही हैं। मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि अगले तीन दिनों तक राहत के आसार नहीं हैं और मध्य छत्तीसगढ़ में ग्रीष्म लहर जैसी स्थिति बनी रहेगी।
हालांकि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के चलते कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन इससे गर्मी के तेवर नरम पड़ने की उम्मीद कम ही है।
विभाग के अनुसार प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाले कई सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास डेढ़ किलोमीटर ऊंचाई तक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। वहीं, उत्तर अंदरूनी कर्नाटक से कोमोरिन क्षेत्र तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक द्रोणिका विस्तारित है।
इसके साथ ही अंदरूनी महाराष्ट्र के आसपास 3.1 से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक प्रति चक्रवात सक्रिय है। इन मौसमी सिस्टम के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवा प्रदेश में पहुंच रही है।
इसी के चलते दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्र में रविवार को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर अंधड़ और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है।
प्रदेश के शहरों का तापमान लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ है। बिलासपुर में 43.6, दुर्ग में 43.2 और पेंड्रारोड में 41.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं अंबिकापुर में 41.0 और जगदलपुर में 38.0 डिग्री तापमान रहा। सभी शहरों में तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री अधिक रहने से लू का असर बढ़ गया है और जनजीवन प्रभावित हो रहा है।