• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CGMSC Reagent Scam: ED के रडार पर 3 IAS अधिकारी, इनके खिलाफ हो सकती है कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में हुए 500 करोड़ के रिएजेंट घोटाले में अब ईडी जांच कर रही है। मामले में ईडी 3 आईएएस अधिकारियों के ऊपर कार्रवाई कर सकती है। जिसे लेकर प्रशास...और पढ़ें

By Roman TiwariEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sun, 03 Aug 2025 10:17:56 AM (IST)Updated Date: Sun, 03 Aug 2025 12:50:08 PM (IST)
CGMSC Reagent Scam: ED के रडार पर 3 IAS अधिकारी, इनके खिलाफ हो सकती है कार्रवाई
आईएएस अधिकारियों के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में हुए 500 करोड़ रुपये से अधिक के रीएजेंट और दवा खरीदी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच तेज हो गई है। ईडी अब तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी में है, जो घोटाले के दौरान छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) में पदस्थ थे। घोटाले के मुख्य आरोपी शशांक चोपड़ा सहित 7 लोग पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।

ईओडब्ल्यू और एसीबी मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी हैं, लेकिन ईडी का दावा है कि अब भी कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। ईडी की कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक महकमे में खलबली मची हुई है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड में दवा खरीदी घोटाले की जांच कर रही ईडी की टीम ने पिछले दिनों रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में 18 जगहों पर छापेमारी की थी।


बता दें कि इससे पहले राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो (ईओडब्ल्यू-एसीबी) ने मामले की जांच कर दवा घोटाले के मुख्य सूत्रधार मोक्षित कॉर्पोरेशन दुर्ग के संचालक शशांक चोपड़ा और दवा निगम अफसरों समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

पू छताछ की, नहीं बनाया आरोपी

सूत्रों की माने तो ईओडब्ल्यू-एसीबी ने मामले में कार्रवाई तो की, लेकिन घोटाले के लिए जिम्मेदार विभाग के आला अफसरों तक उनके हाथ नहीं पहुंच पाए। इस बीच आइएएस भीम सिंह, चंद्रकांत वर्मा और सीजीएमएससी की एमडी पद्मिनी भोई से पूछताछ की पर उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज नहीं किया, जबकि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विधानसभा सत्र के दौरान संकेत दिया था कि घोटाले में दो बड़े अफसरों की भी भूमिका रही है। अब ईडी ने मामले को हाथ में लिया है, तो अब तक बचते आ रहे अफसरों पर कार्रवाई होना तय माना जा कहा है।

जिम्मेदारों को नोटिस देने की तैयारी

ईडी ने जेल में बंद दवा व्यापारी और अफसरों से पूछताछ करने वाली है। इसके लिए कोर्ट से अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यही नहीं तीन आईएएस अफसरों को भी नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी है। चर्चा है कि ईडी जल्द ही कुछ और लोगों को गिरफ्तार कर सकती है।

यह भी पढ़ें:गमछे के साथ गमछा... 25 फीट ऊंची दीवार फांदकर भागे 4 शातिर कैदी, POSCO Act में काट रहे थे सजा

ऑडिट रिपोर्ट ने खोली पोल

घोटाले के दौरान जरूरत से ज्यादा दवा और उपकरण खरीदे गए। कई अस्पतालों को ऐसी मशीनें दी गईं, जिनकी जरूरत नहीं थी। 776 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को उपकरण सप्लाई किए गए, लेकिन 350 से ज्यादा केंद्रों में भंडारण सुविधा ही नहीं थी। डीएचएस (जनसांख्यिकीय और स्वास्थ्य सर्वेक्षण) ने बेसलाइन सर्वेक्षण किए बिना ही खरीदारी की। इसका मतलब है कि जिम्मेदार अफसरों ने पहले से कोई सर्वेक्षण नहीं किया था और फिर भी खरीदारी कर ली।