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CGPSC भर्ती घोटाला: ED का बड़ा एक्शन, करीब 30 लोगों को नोटिस; कैश सिंडिकेट की जांच तेज

CGPSC भर्ती घोटाले की जांच में ED ने करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है।

By Satish PandeyEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Sat, 05 Sep 2026 07:46:00 AM (IST)Updated Date: Sat, 05 Sep 2026 07:46:00 AM (IST)
CGPSC भर्ती घोटाला: ED का बड़ा एक्शन, करीब 30 लोगों को नोटिस; कैश सिंडिकेट की जांच तेज
CGPSC घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई (AI Generated Image)

HighLights

  1. ईडी ने करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा
  2. तीन करोड़ से अधिक रकम अभ्यर्थियों से वसूले जाने का दावा
  3. सीएसआर फंड से रिश्वत दिए जाने की आशंका जताई गई

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने कथित कैश सिंडिकेट का पता लगाने के लिए विवादित अभ्यर्थियों, एनजीओ, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों समेत करीब 30 लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है।

जमानत पर बाहर आरोपितों को भी बुलाया

ED ने घोटाले में जमानत पर बाहर आए तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर, टामन सोनवानी के भतीजे साहिल सोनवानी, नितेश सोनवानी, शशांक गोयल और उनकी पत्नी भूमिका कटियार समेत अन्य आरोपितों को भी दोबारा पूछताछ के लिए तलब किया है।


अभ्यर्थियों को नौकरी दिलाने का दावा

कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने मेडिकल आफिसर डॉ. विकास चंद्राकर के साथ मिलकर कथित तौर पर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का नेटवर्क तैयार किया। युवाओं को परीक्षा के प्रत्येक चरण में सहायता देने और प्री परीक्षा से इंटरव्यू तक सफलता की गारंटी का दावा किया गया था। इसके बदले अभ्यर्थियों से तीन करोड़ रुपये से अधिक रकम वसूले जाने की बात सामने आई है।

CSR फंड और लेनदेन की पड़ताल

ईडी को आशंका है कि बड़ी कंपनी के सीएसआर फंड का इस्तेमाल रिश्वत की रकम देने के लिए किया गया। एजेंसी एनजीओ और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लेनदेन की भी जांच कर रही है।

फिलहाल डॉ. विकास चंद्राकर और अनिल चंद्राकर से पूछताछ जारी है। ईडी अब कथित कैश सिंडिकेट में रकम के स्रोत, उसके वितरण और लाभार्थियों के बीच संबंधों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।