नईदुनिया टीम, रायपुर : बंगाल की खाड़ी से ओडिशा होते हुए छत्तीसगढ़ आए डीप डिप्रेशन के कारण प्रदेश में चार दिनों से अति वर्षा का दौर जारी रहा। बस्तर संभाग में सबसे अधिक बारिश हुई है। इंद्रावती, महानदी, शिवनाथ, मारकंडे, खारुन नदियों अपने तटबंध तोड़ डाले। निचले इलाकों में पानी भर गया।
महादेव घाट में खारुन नदी पर बना दुर्ग जिले से रायपुर को जोड़ने वाला पुल डूब चुका है, जिससे दोनों जिलों का संपर्क कट चुका है। - नईदुनिया
जगदलपुर से रायपुर का मार्ग बंद हो गया। भिलाई और रायपुर के मार्ग का भी यही हाल है। हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
महादेव घाट का श्मशान घाट बाढ़ के पानी में डूबा, गेट के ऊपर का हिस्सा ही दिख रहा। - नईदुनिया
महादेवघाट- अमलेश्वर पुल पर चढ़ा पानी
रायपुर में खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने से महादेवघाट-अमलेश्वर पुल के ऊपर शनिवार सुबह करीब दो फीट पानी था, जो दोपहर तक चार फीट हो गया। महादेवघाट का हनुमान मंदिर और आसपास के क्षेत्र जलमग्न हो गए।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालते एसडीआरएफ के जवान। - नईदुनिया
बचाव दल ने लोगों को सुरक्षित निकाला
चंदनीडीह के श्रीलंका नगर, डिपरापारा और शक्तिघाट से एनडीआरएफ ने करीब 250 लोगों को सुरक्षित निकाला। भाठागांव में 54 और धरसींवा के चार गांवों से 123 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
दुर्ग में शिवनाथ नदी उफान पर है। करीब दो दर्जन गांव बाढ़ से घिर गए हैं और 200 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया।
गढ़िया पहाड़ से कांकेर शहर के बीच से गुजरती दूध नदी लबालब होने से सर्प की तरह आई नजर। - नईदुनिया
इंद्रावती ने तोड़ा 50 सालों का रिकार्ड
जगदलपुर में इंद्रावती का जलस्तर 12.20 मीटर तक पहुंच गया, इससे पहले 1973 में यहां का उच्च स्तर 12.15 मीटर रिकार्ड किया गया था नगरनार स्टील प्लांट के आसपास भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
धमतरी में बाढ़ के पानी से जोरातराई में बहती हुई कार।- ग्रामीण
बस्तर में बाढ़ प्रभावित इलाके से लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाते राहत व बचाव दल के कर्मी। - एसडीआरएफ
बेमेतरा के अमोरा घाट में जल स्तर बढ़ने के बाद का नजारा नईदुनिया
ितांदुला बांध उलट की ओर से छलक उठा, क्षमता से डेढ़ फीट अधिक हुआ जलभराव। नईदुनिया