
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया.रायपुर। प्रदेश में आदिवासी अधिकारों और हितों को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर आदिवासियों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को आदिवासी विरोधी बताया है।
मुख्यमंत्री साय ने बलरामपुर जाने से पहले मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस ने आदिवासी जनजाति समाज को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। यदि वास्तव में किसी ने जनजाति समाज की चिंता की है, तो भाजपा की सरकार ने की है।
अटल बिहारी वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे, तब उन्होंने केंद्र सरकार में अनुसूचित जनजाति के लोगों के समुचित विकास के लिए अलग से मंत्रालय का गठन किया था। जबकि, यह काम कांग्रेस पहले भी कर सकती थी। वर्षों तक सरकार में रहने के बावजूद कांग्रेस ने अनुसूचित जनजाति के लोगों को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया।
साय ने कहा कि वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी समाज का मान-सम्मान बढ़ाया है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना शुरू की गई है। इसके तहत उनके गांवों तक सड़कें पहुंचाई जा रही है। राशन कार्ड समेत मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। कांग्रेस कुछ भी कर ले, लेकिन जनजातीय समाज अब पहचान चुका है। जनता मुगालते में आने वाली नहीं है।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में आदिवासी समुदाय से जुड़े मुद्दों को लेकर होने वाली बैठक से पूर्व मीडिया से बातचीत में कहा कि वर्तमान में आदिवासी समुदाय के अधिकारों को छीना जा रहा है। पूर्ववर्ती सरकार में शुरू की गई कई योजनाओं को बंद कर दिया गया है। कांग्रेस सरकार में आदिवासी क्षेत्रों में निश्शुल्क शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ आर्थिक स्थिति सुधारने के प्रयास किए गए थे।