
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। यदि आपके घर में भी पिछले कुछ महीनों से बिजली की खपत लगातार ज्यादा हो रही है, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। अक्सर ऐसा होता है कि हम एसी, कूलर या अन्य भारी उपकरण ज्यादा चलाते हैं और हमारा बिजली बिल अचानक बढ़कर आ जाता है।
कई बार तो बिल देखते ही होश उड़ जाते हैं कि आखिर इतनी राशि कहां से आ गई। इसी परेशानी को दूर करने के लिए राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। आइए जानते हैं कि इस नए नियम से आम उपभोक्ताओं को क्या-क्या फायदे मिलने वाले हैं।
पहले के नियमों के मुताबिक, यदि किसी उपभोक्ता के यहां लगातार तीन महीने तक स्वीकृत सीमा से ज्यादा बिजली की खपत होती थी, तो कंपनी नियमानुसार कनेक्शन का लोड बढ़ा देती थी। इसके बाद उस बढ़े हुए लोड का अतिरिक्त शुल्क तुरंत अगले ही महीने के बिल में जोड़ दिया जाता था। उपभोक्ताओं को इसकी पहले से कोई जानकारी नहीं होती थी, जिससे अचानक बिल बढ़ जाने पर वे परेशान होकर बिजली दफ्तर के चक्कर काटते थे। इस तरह की शिकायतों और उपभोक्ताओं के बढ़ते असंतोष को देखते हुए ही कंपनी ने अब इस पूरी प्रक्रिया में सुधार किया है।
बिजली कंपनी के नए आदेश के अनुसार, यदि अब किसी उपभोक्ता का लोड बढ़ता है, तो उसका अतिरिक्त शुल्क तुरंत अगले महीने के बिल में नहीं जोड़ा जाएगा। कंपनी ने यह फैसला लिया है कि अब ऐसे बढ़े हुए लोड का शुल्क सीधे दिसंबर के बिजली बिल में ही जोड़ा जाएगा।
इससे उपभोक्ताओं पर एक साथ अचानक बड़ा आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और वे मानसिक रूप से तैयार रहेंगे। इसके अलावा, तकनीकी मानकों के तहत लोड बढ़ाने से आपके घर के बिजली उपकरण और वायरिंग भी सुरक्षित रहेंगे, जिससे शॉर्ट सर्किट या अन्य खतरों से बचाव होगा।
यदि आपको पहले से ही यह पता है कि आपके घर में बिजली की खपत ज्यादा होने वाली है या उपकरण बढ़ गए हैं, तो आपको कंपनी के स्वतः कार्रवाई का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। आप अपनी स्वेच्छा से बिजली कार्यालय में जाकर आवेदन दे सकते हैं और अपना स्वीकृत लोड बढ़वा सकते हैं। ऐसा करने से आप भविष्य में किसी भी तरह के अतिरिक्त भार शुल्क या बिल संबंधी विवादों से पूरी तरह बच सकते हैं।
विशेष तौर पर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह व्यवस्था काफी राहत भरी साबित होगी, क्योंकि अब उन्हें अचानक आने वाले बिलों के झंझट और दफ़्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल जाएगी।