
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ में कहीं हल्की फुहारें तो कहीं मूसलाधार बारिश से जनजीवन खासा प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने शनिवार को राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने की संभावना जताई है।
इधर, उत्तरी छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर देखने को मिला है, जिसमें बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में सबसे अधिक 28 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक रही है। इसके अलावा चांदो और सामरी में 14-14 सेंटीमीटर तथा कुनकुरी में 12 सेंटीमीटर पानी बरसा है।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई, जबकि उत्तरी अंचल के एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश हुई है। तमनार और रामानुजगंज में नौ-नौ सेंटीमीटर, तथा कांसाबेल, सन्ना और रायगढ़ में आठ-आठ सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार वर्तमान में तीन अलग-अलग मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनके कारण इस प्रकार की चक्रवाती गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे लगे हुए पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर एक स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण लगभग 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।
इसके अतिरिक्त दक्षिणी अंडमान सागर और उससे लगे हुए अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ऊपर भी एक अन्य निम्न दबाव का क्षेत्र पूरी तरह सक्रिय है, जिसका चक्रवाती परिसंचरण 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक दर्ज किया गया है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तरी छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश तक बनी एक मौसमी द्रोणिका भी इन तमाम मौसमी गतिविधियों को और अधिक ऊर्जावान बना रही है।
राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां आगामी 31 अक्टूबर को आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा और शहर के कुछ इलाकों में एक-दो बार हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। रायपुर में इस दौरान अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान जताया गया है।
तापमान की बात करें तो जगदलपुर में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि प्रसिद्ध पर्यटन और उच्च अंचल पेण्ड्रा रोड में न्यूनतम तापमान गिरकर 17.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।