लिथियम से लेकर ग्रेफाइट तक खनिजों की होगी खोज, छत्तीसगढ़ में 45 परियोजनाओं को मंजूरी; 2590 मिलियन टन चूना पत्थर भी मिला
छत्तीसगढ़ में खनिज संसाधनों की खोज और विस्तार को गति देने के लिए 2026-27 की 45 अन्वेषण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। लिथियम समेत महत्वपूर्ण खनिजों पर जोर रहेगा।
Publish Date: Wed, 19 Aug 2026 09:34:04 PM (IST)Updated Date: Wed, 19 Aug 2026 09:37:06 PM (IST)
लिथियम से लेकर ग्रेफाइट तक खनिजों की खोज होगी। (एआई जनरेटेड)HighLights
- 2026-27 के लिए 45 खनिज अन्वेषण परियोजनाएं अंतिम रूप से मंजूर।
- इनमें 35 क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक खनिज ब्लाक शामिल किए गए।
- लिथियम, ग्रेफाइट और आरईई अन्वेषण पर विशेष जोर रहेगा।
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: प्रदेश में खनिज संसाधनों के विस्तार और नए ब्लाक की खोज को गति देने के लिए राज्य भूवैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड की 26वीं बैठक रायपुर स्थित पुराना सर्किट हाउस में आयोजित की गई।
45 परियोजनाओं को अंतिम रूप
- खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 45 नई और जारी अन्वेषण परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया गया। स्वीकृत की गई 45 परियोजनाओं में 35 क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक खनिज ब्लाक, चार डीप-सीटेड (गहन स्तर) खनिज ब्लाक तथा छह बल्क मिनरल परियोजनाएं शामिल हैं।
इनमें से 25 परियोजनाओं का संचालन भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की रायपुर इकाई द्वारा किया जाएगा। वर्ष 2026-27 के लिए लिथियम, ग्रेफाइट, आरईई, ग्लाकोनाइट, बाक्साइट और लौह अयस्क जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण पर विशेष जोर दिया गया है। 2,590 मिलियन टन चूना पत्थर की खोज
विशेष सचिव एवं संचालक भौमिकी-खनिकर्म रजत बंसल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य में 2,590 मिलियन टन चूना पत्थर और 32.26 मिलियन टन लौह अयस्क के संसाधनों की पहचान की गई है।
पांच जिलों के खनिज मानचित्र सौंपे
बैठक के दौरान जीएसआइ द्वारा राज्य के पांच जिलों के तैयार खनिज संसाधन मानचित्र विभाग को सौंपे गए। इस अवसर पर दक्षिण बस्तर में अन्वेषण तेज करने तथा गहराई में स्थित खनिजों के आकलन के लिए उन्नत तकनीक अपनाने का निर्णय लिया गया। बैठक में जीएसआइ, एनएमडीसी, एमइसीएल सहित प्रमुख निजी उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।