छत्तीसगढ़ में जीत की हैट्रिक लगाने वाले अकेले कांग्रेसी थे रामदयाल उइके
रामदायल उइके का कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़कर भाजपा में जाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है।
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Publish Date: Sat, 13 Oct 2018 10:57:01 AM (IST)
Updated Date: Sat, 13 Oct 2018 11:21:04 AM (IST)

मल्टीमीडिया डेस्क। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस को तब तगड़ा झटका लगा जब उसके कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामदयाल उइके ने भाजपा का दामन थाम लिया। रामदयाल का जाना कांग्रेस के लिए तगड़ा झटका है। जानिए उनके बारे में -
रामदयाल उइके कांग्रेस के अकेले नेता हैं जिन्होंने छत्तीसगढ़ में जीत की हैट्रिक लगाई है। उन्होंने 2013 में पाली-तानाखार सीट से गोंड़वाना गणतंत्र पार्टी (जीजीपी) के हीरा सिंह मरकाम को 28,813 वोट से हराया था। भाजपा के श्यामलाल मारवी तीसरे नंबर पर रहे थे।
वहीं 2008 के चुनाव में उइके को 29,443 मतों से जीत मिली। तब भी उनका मुकाबला हीरा सिंह मरकाम से हुआ था। भाजपा तीसरे नंबर पर ही रही थी।
2003 में भी उइके का जादू बरकरार रहा और उन्होंने फिर हीरा सिंह मरकाम को 20,313 वोटों से मात दी। कुल मिलाकर यह सीट कांग्रेस का गढ़ है और भाजपा हर इस चुनाव में तीसरे नंबर पर रही है।
जानिए इस बार के हालात : जनता कांग्रेस और बसपा गठबंधन में हुए सीटों के समझौते में पाली-तानाखार विधानसभा बसपा की झोली में चली गई है। इसके साथ ही अब यहां चतुष्कोणीय मुकाबला होना तय हो गया है। पहले ही गोडवाना गणतंत्र पार्टी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर रही है। ऐसे में भाजपा के साथ बसपा के प्रत्याशी इस बार पूरे दमखम से मैदान में उतरेंगे। अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,10,896 मतदाता हैं। जातीय समीकरण के लिहाज से यहां का मतदाता, गोंड़ और कंवर आदिवासी दो समूह में बंटा है।
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