रायपुर, Chhattisgarh Budget 2021 Live Updates। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेश कर दिया है। वह अपने साथ जो कोसा का बना बजट का बैग लेकर पहुंचे, उसमें लिखा था- गढ़बो नवा छत्तीसगढ़। इससे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष में वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट को अंतिम रूप दे दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मैं सदन में अपनी सरकार का तीसरा बजट पेश कर रहा हूं। कोरोना के कारण राजस्व की कमी आई है। हमने गोबर को गोधन बनाने की शुरूआत की है। हमने लगातार जनता के हित में काम किया है। हमने गोबर को गोधन बनाने की दिशा में सुविचार इत कदम उठाते हुए गोधन योजना लागू की। पशु पालकों से गोबर खरीदकर वर्मी कंपोस्ट का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना की जाएगी।

राज्य और राज्य के बाहर सी मार्ट स्टोर की स्थापना की जाएगी। सकल घरेलू उत्पाद में 5.32 फीसद की वृद्धि का अनुमान है, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक फीसद अधिक है। हमारी मंशा प्रदेश के हर क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की है। H का मतलब समग्र विकास, होलिस्टिक डेवेलपमेंट से है।

इन योजनाओं के लिए किया बजट प्रावधान

राम वन गमन पथ के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया

देव गुड़ी के संरक्षण के लिए 500000 तक का अनुदान दिया जाएगा

आदिवासी संग्रहालय की गैलरी में जनजाति संस्कृति की प्रदर्शनी की जाएगी। इसके लिए एक करोड़ का प्रावधान किया गया है

छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक परिषद का निर्माण किया जाएगा

कांकेर में नवीन B.Ed कॉलेज खुलेगा

दुर्ग जिले के निकुंब के अलावा भाटागांव, महासमुंद में खोला जाएगा शासकीय विद्यालय

सड़क, पुल, पुलिया निर्माण के लिए 150 करोड़ का प्रावधान

पुरातत्व विभाग के पृथक संचनालय का गठन होगा

अभिलेखागार भवन का निर्माण के लिए छह करोड़ रुपये का प्रावधान

नवा रायपुर में बोर्डिंग स्कूल संचालित किया जाएगा

राजीव गांधी न्याय योजना के लिए 5703 करोड़ का प्रावधान

चिराग योजना के लिए 150 करोड़

कृषि पंपों के लिए 2500 करोड़

सौर सुजला योजना के लिए 530 करोड़

फसल बीमा योजना में 606 करोड़

गोठान के लिए 175 करोड़

कृषक समग्र विकास योजना में कृषि यंत्र सेवा केंद्र की स्थापना के लिए 95 करोड़

1300 हेक्टेयर में फूलों के खेती

किसानों के लिए यह रहा खास

मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए कृषि का दर्जा देने की कार्यवाही की जाएगी। लाख पालन को कृषि के समकक्ष दर्जा दिया गया है। भूमिहीन किसानों के लिए नवीन न्याय योजना शुरू की जाएगी। कोदो, कुदगी, रागी की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी। भूजल जल संरक्षण कोष को बढ़ाया गया है। सिंचाई की चार नई परियोजनाएं शुरू होंगी। इस मद में दो सौ तीन करोड़ रुपये खर्च होगा।

ये रहीं खास बातें

नवीन कौशल्या मातृत्व योजना शुरू की जाएगी

15000000 में सभी संभागीय मुख्यालय में आदर्श पुनर्वास केंद्र खोले जाएंगे

तृतीय लिंग के पुनर्वास के लिए देश में अपनी तरह का पहला केंद्र खोला जाएगा। ट्रांस्जेंडर्स के लिए 76 लाख की लागत से पुनर्वास केंद्र बनाए जाएंगे।

स्वच्छता दीदियों का मानदेय 5000 से बढ़ाकर 6000 किया गया

शहरी गरीबों को काबिज भूमि पर पट्टा देने का निर्णय, जिससे उनके आवास का सपना पूरा होगा।सबके लिए आवास योजना के तहत 457 करोड़ का प्रावधान

अमृत मिशन योजना के लिए 220 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया

10 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री धरसा विकास योजना के लिए दिया गया है

कोरिया जिले को भी हवाई सेवा से जोड़ने के लिए हवाई पट्टी का निर्मण किया जएगा।

रायपुर एयरपोर्ट पर एयर कार्गो हब बनाया जाएगा

बस्तर के सभी जिलों में बस्तर टाइगर बल का गठन। बस्तर टाइगर का गठन किया जाएगा इसमें अंदरूनी इलाकों के युवाओं को भर्ती किया जाएगा। 2008 पदों पर भर्ती की जाएगी। टाइगर फोर्स में स्‍थानीय युवकों को शामिल किया जाएगा, नक्‍सल विरोधी अभियान में तेजी आएगी।

नया रायपुर में 50 बिस्तर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन किया जाएगा। 10 पुलिस चौकियों का निर्माण कराया जाएगा। कन्‍या छात्रावासों की सुरक्षा के लिए 2200 नए पद सृजित किए जाएंगे।

नए औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए 65 करोड़ दिए। कृषि क्षेत्र ऊर्जा शिक्षा उद्यान पाटन, दुर्ग में स्थापित होगा और 11 नई तहसीलों के गठन के लिए तीन करोड़ का प्रावधान किया।

हम शहर बनाने में नहीं शहर बसाने में विश्वास करते हैं। मुख्‍यमंत्री हाट बाजार क्‍लीनिक योजना के तहत 13 करोड रुपये का प्रविधान किया गया है। रायपुर सिविल अस्‍पताल में 30 नई जांच शुरू की जाएगी, वर्ततान में 90 जांच चल रही है, इस तरह 120 तरह की जांच शुरू हो जाएगी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री बघेल ने बजट में पुरस्‍कार के लिए भी प्रविधान किया है, इसके तहत राज्‍य सिविल सर्विस के अधिकारियों के लिए राज्‍य सिविल सेवा पदक और पुलिस सेवाओं के लिए राज्‍य सेवा पुलिस पदक सेवा शुरू किया जाएगा।

पुलिस मुख्‍यालय में फांरेंसिक लैब में नई नियुक्ति के लिए 1.33 करोड रुपये का प्रविधान किया गया है।

रास्तों की अड़चन से हम कभी डरते नहीं, बात हो न्याय की तो हम पीछे हटते नहीं। इन्हीं शब्दों के साथ मुख्यमंत्री ने बजट समाप्त किया। कुल बजट 97106 करोड़ रुपये का पेश किया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने बजट भाषण का समापन इस शायरी से किया- 'रास्तों की अड़चनों से हम कभी डरते नहीं, बात हो जाए जब न्याय की तो पीछे कभी हटते नहीं।' इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई दो मार्च को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

बजट से पहले ट्वीट की थी ये पंक्तियां

कोरोना संक्रमण की वजह से लगे लाकडाउन समेत अन्य कारणों से छत्तीसगढ़ सरकार का राजस्व प्रभावित हुआ है। कोरोना काल के बाद यह छत्तीसगढ़ का पहला बजट है, जिससे प्रदेशवासियों को कई उम्मीदें हैं। बजट में सबसे ज्यादा ध्यान इंफ्रास्ट्रक्चर, सुपोषण, शिक्षा, पर्यटन और संस्कृति सहित सुरक्षा पर दिए जाने की उम्मीद है। इस बार भी छत्तीसगढ़ के बजट का आकार एक लाख करोड़ रुपये के करीब रह सकता है। सीएम भूपेश बघेल ने बजट भाषण से पहले एक ट्विटर पर कुछ पंक्तियां पोस्ट की, जो यह हैं...

'वक्त कितना भी मुश्किल हो, रफ़्तार नहीं थमने देंगे।

चुनौतियां लाख हों, छत्तीसगढ़ को नहीं रुकने देंगे।

आगे बढ़ेगा छत्तीसगढ़, गढ़ेंगे नवा छत्तीसगढ़।'

बजट भाषण से पहले

प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक संतराम नेताम ने कांकेर आदिवासी विभाग में कम्प्यूटर, प्रिंटर, प्रोजेक्टर खरीदी में गड़बड़ी का आरोप लगाया। विधायक ने कहा कमिश्नर ने अखबार के समाचार के आधार पर पत्र लिखा है। विपक्ष के विधायकों ने सदन की कमेटी बनाकर जांच की मांग की। आदिम जाति कल्याण मंत्री प्रेमसाय टेकाम ने जवाब देते हुए कहा कि, केवल निविदा आमंत्रित की गई हैं, इसमें भुगतान नहीं हुआ है। भुगतान ही नहीं हुआ तो भष्ट्राचार की गुंजाइश ही नहीं है।

Posted By: Prashant Pandey

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