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दाउद का हवाला, सूर्यकांत की डायरी, तीन साल में 24 नोटिस, बेटे पर कड़ाई के बाद आखिरकार नेपाल से आए रामगोपाल

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने तीन साल की फरारी के बाद बुधवार को रायपुर में ईओडब्ल्यू के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। उन पर कोल लेव...और पढ़ें

By Paritosh DubeyEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Thu, 09 Jul 2026 09:53:59 AM (IST)Updated Date: Thu, 09 Jul 2026 02:12:29 PM (IST)
दाउद का हवाला, सूर्यकांत की डायरी, तीन साल में 24 नोटिस, बेटे पर कड़ाई के बाद आखिरकार नेपाल से आए रामगोपाल
रामगोपाल अग्रवाल फाइल फोटो।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। : कोल लेवी घोटाले के आरोपित छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से बुधवार की देर रात तक पूछताछ हुई है। उन्हें गुरुवार EOW दोपहर को रायपुर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से अदालत ने उन्हें 17 जुलाई तक एजेंसी की हिरासत में भेज दिया है। इससे पहले अग्रवाल के खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई बुधवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंची। तीन साल से पूछताछ से बच रहे अग्रवाल को 24 से अधिक नोटिस जारी किए गए, लेकिन वे बयान दर्ज कराने नहीं पहुंच रहे थे।

विशेष अदालत से स्थायी वारंट जारी होने के बाद जांच एजेंसी ने रामगोपाल को गिरफ्त में लेने की रणनीति बनाई। राइस मिल संचालक बेटे वैभव अग्रवाल और अन्य स्वजनों से वे लगातार संपर्क में थे। ऐसे में जांच एजेंसी ने वैभव के जरिए उन तक पहुंचने की कवायद शुरू की। वैभव को तलब कर मंगलवार और बुधवार को घंटों पूछताछ की गई, जिससे उन पर दबाव बना।


नेपाल में फरारी काटने की जानकारी

सूत्रों के अनुसार, रामगोपाल नेपाल में फरारी काट रहे थे। वहां से वे सीधे बुधवार सुबह रायपुर पहुंचे और दोपहर में बेटे के साथ आत्मसमर्पण करने ईओडब्ल्यू कार्यालय पहुंचे। देर शाम वैभव को छोड़ दिया गया, जबकि रामगोपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी के मुताबिक, कोल लेवी घोटाले के साथ-साथ शराब और कस्टम मिलिंग घोटाले में भी उनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

दाऊद का हवाला देकर जारी कराया था वारंट

जांच एजेंसी ने अदालत में दलील दी थी कि रामगोपाल समेत अन्य आरोपित लगातार जांच से बच रहे हैं। इसके समर्थन में भगोड़े अपराधी दाऊद इब्राहिम से जुड़े एक पुराने मामले का हवाला दिया गया, जिसमें विवेचना के दौरान भी गैरजमानती वारंट जारी करने के प्रविधान को स्वीकार किया गया था। अदालत की सहमति के बाद रामगोपाल समेत चार आरोपितों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया गया।

भूपेश बघेल के करीबी हैं रामगोपाल

रामगोपाल अग्रवाल करीब चार दशक से कांग्रेस संगठन से जुड़े रहे हैं। वर्ष 2013 में उन्हें प्रदेश कांग्रेस का कोषाध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने कभी चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन संगठन और पार्टी के वित्तीय प्रबंधन में उनकी अहम भूमिका रही। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी भी माना जाता है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान उन्हें नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष भी बनाया गया था। माना जा रहा है कि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान घोटाले से जुड़े नए तथ्यों का खुलासा हो सकता है।

इन मामलों में पूछताछ

  • 3,200 करोड़ का शराब घोटाला
  • 500 करोड़ का कोल लेवी घोटाला।
  • 127 करोड़ का कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन घोटाला।

घटनाक्रम: कब क्या हुआ

1980 का दशक: कांग्रेस से सक्रिय राजनीतिक जुड़ाव की शुरुआत।

2013: छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष नियुक्त।

20 फरवरी 2023: रायपुर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले ईडी ने ठिकानों पर छापा मारा।

21 जुलाई 2023: अनुपम नगर स्थित निवास समेत अन्य ठिकानों पर दोबारा ईडी की कार्रवाई।

2024: कोयला लेवी घोटाले में ईओडब्ल्यू-एसीबी ने एफआइआर दर्ज की।

2024-26: पूछताछ के लिए तीन दर्जन से अधिक नोटिस जारी, लेकिन एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुए। इस दौरान नेपाल, अमेरिका और गुजरात में छिपे होने की चर्चाएं भी सामने आती रहीं।

8 जुलाई 2026: विशेष अदालत ने रामगोपाल अग्रवाल और तीन अन्य के खिलाफ कोर्ट ने बेमियादी गैरजमानती वारंट जारी किया।