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छत्तीसगढ़ की 20 प्रतिशत से ज्यादा आबादी वाले साहू समाज में बढ़ रहा मतांतरण, आदिवासी नेता नंदकुमार साय बोले सख्त कार्रवाई हो

वरिष्ठ आदिवासी नेता व पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार साय ने राज्य में बढ़ते मतांतरण्र्मां पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों ...और पढ़ें

By Satish PandeyEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Thu, 25 Jun 2026 10:49:31 AM (IST)Updated Date: Thu, 25 Jun 2026 10:51:33 AM (IST)
छत्तीसगढ़ की 20 प्रतिशत से ज्यादा आबादी वाले साहू समाज में बढ़ रहा मतांतरण, आदिवासी नेता नंदकुमार साय बोले सख्त कार्रवाई हो
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार साय। अर्काइव

HighLights

  1. सुनियोजित तरीके से हो रहा प्रदेश में मतांतरण
  2. दोषियों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित
  3. आदिवासी नेता नंदकुमार साय ने किया दावा

राज्य ब्यूरो,नईदुनिया,रायपुर। प्रदेश में मंतातरण को लेकर जारी बहस के बीच वरिष्ठ आदिवासी नेता व पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार साय ने दावा किया कि प्रदेश में केवल आदिवासी समाज ही नहीं, बल्कि साहू समाज समेत कई अन्य समुदायों के लोग भी बड़ी संख्या में मंतातरित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सुनियोजित तरीके से मंतातरण कराया जा रहा है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

साय ने कहा कि मंतातरण कराने वालों का सामाजिक और कानूनी स्तर पर विरोध किया जाएगा। उनका कहना था कि जो भी व्यक्ति बल, प्रलोभन, धोखाधड़ी या दबाव के माध्यम से मंतातरण कराने में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नंदकुमार साय के ताजा बयान के बाद इस विषय पर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छिड़ने के आसार हैं।


प्रदेश में लागू है छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम, 2020

प्रदेश में छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम, 2020 लागू है, जो बलपूर्वक, प्रलोभन या विवाह के माध्यम से किए गए धर्म परिवर्तन को अपराध मानता है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, बस्तर संभाग में मतांतरण से जुड़े विवादों के कारण सामाजिक तनाव की घटनाएं दर्ज की गई हैं। प्रशासन द्वारा जिला स्तर पर विशेष निगरानी और शिकायत निवारण हेतु समितियां गठित की गई हैं।

आबादी के अलग-अलग आंकड़े

छत्तीसगढ़ में साहू (तेली) समाज की आबादी को लेकर विभिन्न स्रोतों में अलग-अलग अनुमान और रिपोर्टें उपलब्ध हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, छत्तीसगढ़ की कुल जनसंख्या में साहू समाज की हिस्सेदारी लगभग 20% से 24% के बीच मानी जाती है। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान गठित क्वांटिफाइएबल डेटा आयोग (Quantifiable Data Commission) की एक लीक हुई रिपोर्ट इंटरनेट मीडिया पर आई थी। रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ में साहू (तेली) समाज की आबादी लगभग 30 लाख 5 हजार 661 बताई गई थी, जो उस डेटा के अनुसार प्रदेश की कुल ओबीसी आबादी में सबसे अधिक (लगभग 24.03%) थी। हालांकि, यह डेटा आधिकारिक तौर पर सरकार द्वारा सार्वजनिक नहीं किया गया है। भारत में आखिरी बार जातिगत जनगणना सन 1931 में हुई थी। इसलिए वर्तमान में दिए जा रहे आंकड़े या तो अनुमानित हैं या विभिन्न सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षणों और आयोगों द्वारा तैयार की गई अनौपचारिक रिपोर्ट्स पर आधारित हैं।

राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है समाज

छत्तीसगढ़ में ओबीसी वर्ग की कुल आबादी का एक बड़ा हिस्सा साहू समाज का है। राजनीतिक रूप से यह समाज प्रभावशाली माना जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से लगभग 30 से 37 सीटों पर साहू समाज का प्रभाव या बाहुल्य है, जिसके कारण राज्य की सत्ता के समीकरणों में इस समाज की भूमिका को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।