रायपुर। Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में करंट से हो रही हाथियों की मौत ने सरकारी बिजली वितरण कंपनी की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। बीते छह महीने में राज्य में 15 से अधिक हाथियों की मौत हो चुकी है। इनमें करंट की चपेट में आने की वजह से छह मारे गए हैं। ऐसे ही एक मामले में रायगढ़ में इंजीनियर को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कर दी गई है। इसी दबाव में सप्ताहभर पहले अवैध कनेक्शन की जांच करने वन क्षेत्र में गए दो जूनियर इंजीनियरों समेत चार लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई। समस्या का समाधान नहीं दिख रहा। इसी वजह से बिजली कंपनी ने अब हाथी के पहुंचते ही क्षेत्र की बिजली गुल करने के फामूर्ले पर विचार करना शुरू कर दिया है। वितरण कंपनी के एमडी हर्ष गौतम ने इस संबंध में पहल की है।
वन विभाग से ली जाएगी मदद
हाथियों का दल किस क्षेत्र में विचरण कर रहा है इसकी पूरी जानकारी प्रायः वन विभाग को रहती है। बिजली कंपनी ने वन विभाग से हाथियों के विचरण की जानकारी उपलब्ध कराने का सरकार से आग्रह किया है। बिजली अफसरों के अनुसार जैसे ही हाथियों के दल के किसी गांव या आबादी वाले क्षेत्र में प्रवेश की सूचना मिलेगी, वहां की पूरी बिजली बंद कर दी जाएगी ताकि करंट लगने से हाथी की मौत नहीं हो।
अवैध कनेक्शन और तार की वजह से जाती है जान
ज्यादातर मामलों में हाथियों की मौत अवैध रुप से लिए गए बिजली कनेक्शन या बिछाए गए तार की चपेट में आने से हुई है। बिजली अफसरों के अनुसार कई लोग अपने घर, बाड़ी और खेत की सुरक्षा के लिए भी वहां करंट फैला देते हैं। ऐसे हर मामले की जांच कर पाना संभव नहीं है। यही वजह है कि फीडर से पूरे क्षेत्र की लाइन बंद करने पर विचार किया जा रहा है।
एमडी ने दिया आश्वासन
हाथियों की मौत के मामले में बिजली इंजीनियरों पर एफआइआर से कंपनी के इंजीनियर नाराज हैं। विद्युत कनिष्ठ अभियंता व सहायक अभियंता कल्याण संघ का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष एनआर छीपा के नेतृत्व में वितरण कंपनी के एमडी हर्ष गौतम से मिलकर अपना विरोध दर्ज कर चुका है। एमडी गौतम ने आश्वासन दिया है कि बिजली कंपनी द्वारा वन विभाग को पत्र लिखा जा रहा है ताकि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में हाथियों के हलचल की सूचना संबंधित विभाग बिजली कंपनी को दे और बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाए।