यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Chhattisgarh Forest News: छत्तीसगढ़ के वन मंत्री अकबर बोले- 11 राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना वन विभाग की बड़ी उपलब्धि
Chhattisgarh Forest News: छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए वन मंत्री मोहम्मद अकबर।
By Kadir KhanEdited By: Kadir Khan
Publish Date: Tue, 31 Aug 2021 05:00:25 PM (IST)Updated Date: Tue, 31 Aug 2021 05:00:25 PM (IST)

Chhattisgarh Forest News: रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वन महोत्सव 2021 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर मंगलवार को पुलिस प्रशिक्षण अकादमी परिसर चंदखुरी में शामिल हुए। इस मौके पर मंत्री अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ने देशभर में अकेले 74 फीसद लघु वनोपज की खरीदी की है। भारत सरकार से 11 राष्ट्रीय पुरस्कार दिया, जो वन विभाग की सबसे बड़ी उपलब्धि है। मोहम्मद अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ वनों के मामलों में पन्न राज्य है। यहां एक लाख 35 हजार वर्ग किमी क्षेत्र में 44.2 फीसद वन है। इस अवसर पर मंत्री अकबर ने पीपल के पौधे रोपे।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री अकबर ने गुरु तेग बहादुर जी को नमन करते हुए कहा कि उनकी याद में पौधारोपण कार्यक्रम रखा है, इसके लिए सिक्ख समुदाय के सभी लोगों को बधाई देता हूं। यहां छोटे-छोटे बच्चों ने 400 पौधों रोपे हैं। उम्मीद करता हूं कि बच्चों के माता-पिता पौधों की सुरक्षा कर विभाग का सहयोग करेंगे। इस वर्ष 99 लाख पौधों का रोपण किया जा रहा है। इस अवसर पर 48 विभिन्न प्रजातियों केे औषधीय और फलदार पौधों के 4 हजार 796 पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री अकबर ने कहा कि महेन्द्र छाबड़ा ने जिम्मेदारीपूर्वक अपने दायित्वों को निभाया है। अल्पसंख्यक समुदाय के उत्थान के लिए राज्य सरकार हरसंभव मदद करेगी। अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेन्द्र छाबड़ा ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि यहां रोपित सभी पौधों की देखभाल पुलिस आवासीय परिसर के रहवासियों की जिम्मेदारी है। पौधा रोपने वाले बच्चे यहां आकर अपना जन्मदिन मनाएंगे, जिससे पौधों का संरक्षण भी बराबर होता रहेगा। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी, संजय शुक्ला, पी.व्ही. नरसिंह राव, पी.सी. पाण्डेय, के. मुरूगन, संजीव शुक्ला, जे.आर. नायक, मंयक चतुर्वेदी, विश्वेश कुमार झा सहित छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के पदाधिकारी समेत आदि मौजूद रहे।