• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरकार का दावा-शराब तस्करी पर लगेगी रोक, कांग्रेस बोली-शराबबंदी की मंशा नहीं

सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी नीति पर मुहर लगा दी है। हालांकि, इसे लेकर कांग्रेस हमलावर हो गई है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा शरा...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Mon, 03 Mar 2025 04:54:58 PM (IST)Updated Date: Mon, 03 Mar 2025 04:54:58 PM (IST)
सरकार का दावा-शराब तस्करी पर लगेगी रोक, कांग्रेस बोली-शराबबंदी की मंशा नहीं
अतिरिक्त आबकारी शुल्क में कटौती से विदेशी शराब की कीमतों में 40 रुपये से लेकर 3,000 रुपये तक की गिरावट आ सकती है।

HighLights

  1. विदेशी शराब पर पहले लगने वाले 9.5 प्रतिशत अतिरिक्त आबकारी शुल्क को हटाया।
  2. शराब की फुटकर कीमत में कमी आएगी। इससे अवैध तस्करी पर नियंत्रित लग सकेगा।
  3. कांग्रेस का आरोप- सरकार की नीति शराब बिक्री और खपत बढ़ाने वाली साबित होगी।

राज्य ब्यूरो, रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी नीति पर मुहर लगा दी है। इस नीति के तहत राज्य सरकार ने विदेशी शराब दुकानों पर लगाए गए अतिरिक्त आबकारी शुल्क को समाप्त करने का फैसला लिया है।

सरकार का दावा है कि इस निर्णय से शराब तस्करी पर रोक लगेगी। वहीं, कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा शराबबंदी के पक्ष में नहीं है, बल्कि इसे प्रदेश के हर व्यक्ति तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है।


सरकार का कहना है कि विदेशी शराब पर पहले लगने वाले 9.5 प्रतिशत अतिरिक्त आबकारी शुल्क को हटाने से शराब की फुटकर कीमत में कमी आएगी। इससे अवैध तस्करी को नियंत्रित किया जा सकेगा।

अनुमान लगाया जा रहा है कि इस शुल्क में कटौती से विदेशी शराब की कीमतों में 40 रुपये से लेकर 3,000 रुपये तक की गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को अधिकृत दुकानों से शराब खरीदने में सहूलियत होगी और पड़ोसी राज्यों से अवैध शराब लाने की प्रवृत्ति पर लगाम लगेगी।

naidunia_image

कांग्रेस कर रही विरोध

कांग्रेस इस फैसले का कड़ा विरोध कर रही है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने इसे शराब बिक्री और खपत बढ़ाने की सरकारी नीति करार दिया। उनका कहना है कि सरकार शराबबंदी के बजाय इसके प्रचार-प्रसार में जुटी है।

यह भी पढ़ें- शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई, रायपुर पुलिस ने जब्त की कारें

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार अधिक से अधिक शराब बेचने और लोगों को इसकी लत लगाने के लिए यह नीति बना रही है।

कांग्रेस सरकार में हुआ सबसे बड़ा शराब घोटाला

कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता केदार नाथ गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस सरकार में प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का घोटाला हुआ, जो देश का सबसे बड़ा घोटाला है। इन्होंने टैक्स लगाकर जनता को लूटा और अपनी जेब भरी।

यह भी पढ़ें- बिजली कंपनी को 45 सौ करोड़ का घाटा, छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं को लग सकता है झटका

भाजपा उस टैक्स को कम कर रही है, तो इनकी छाती जल रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार हर क्षेत्र में युक्तियुक्त निर्णय ले रही है। हमारी सरकार आने के बाद आबकारी विभाग में घोटाला बंद हो गया है। हमारी सरकार शराब के प्रचार-प्रसार के लिए कोई विज्ञापन नहीं देती है।