Chhattisgarh IPS Uday Controversies: आइपीएस उदय किरण का विवादों से पुराना है नाता
Chhattisgarh IPS Uday Controversies: जून में उन्हें नारायणपुर का एसपी बनाया गया था। एसपी के रूप में यह उनकी पहली पदस्थापना थी।
By Kadir Khan
Edited By: Kadir Khan
Publish Date: Tue, 19 Oct 2021 04:05:00 PM (IST)
Updated Date: Tue, 19 Oct 2021 04:03:02 PM (IST)

Chhattisgarh IPS Uday Controversies: रायपुर (राज्य ब्यूरो)। अपने ही मातहत (ड्राइवर) की पिटाई के आरोप में सरकार ने आइपीएस उदय किरण को नारायणपुर पुलिस अधीक्षक के पद से हटा दिया है। यह कोई पहला मौका नहीं है, जब उदय को किसी विवाद की वजह से हटाया गया है। 2015 बैच के आइपीएस उदय ट्रेनिंग के दौर से ही विवादों में रहे हैं। इसी महीने सुप्रीम कोर्ट ने जनप्रतिनिधियों के साथ मारपीट के एक पुराने मामले में महासमुंद पुलिस को उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का निर्देश दिया है।
- - हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने दिया है एफआइआर दर्ज करने का निर्देश
- - नारायणपुर में पहली बार मिली थी स्वतंत्र रूप से जिले की जिम्मेदारी
पुलिस मुख्यालय के रिकार्ड के अनुसार उदय की पहली पोस्टिंग बिलासपुर में प्रशिक्षु अफसर के रुप में हुई थी। भाजपा नेताओं के साथ मारपीट के आरोप में फरवरी 2018 में उनका महासमुंद तबादला कर दिया गया। महासमुंद में भी उदय प्रशिक्षु अफसर थे, लेकिन वहां उन पर नेताओं पर लाठी बरसाने का आरोप लगा। महासमुंद सीट से तत्कालीन विधायक (निर्दलीय) डा. विमल चोपड़ा के साथ हुई इस घटना में सुप्रीम कोर्ट ने एफआइआर के निर्देश दिए हैं।
महासमुंद में मारपीट की घटना के बाद सरकार ने उन्हें एसटीएफ बघेरा भेज दिया। इसके बाद मौजूदा कांग्रेस सरकार ने उन्हें कोरबा का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया। वहां भी विवादों ने उनका साथ नहीं छोड़ा। पर कांग्रेस नेताओं ने मारपीट करने और धमकाने का आरोप लगाया। जून 2020 में उदय को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा पदस्थ किया गया। इसी वर्ष जून में उन्हें नारायणपुर का एसपी बनाया गया था। एसपी के रूप में यह उनकी पहली पदस्थापना थी।