
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रदेश के जूनियर डाक्टरों का विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री से बैठक के बाद खत्म हो गया। बैठक में बांड, उच्च शिक्षा के लिए एनओसी, बांड अवधि और सुपर स्पेशलिटी कैडर की मांगों पर सहमति बनी। स्टाइपेंड बढ़ाने का निर्णय पहले ही हो चुका था।
उच्च शिक्षा के लिए अब यूजी डाक्टरों को 25 लाख और पीजी डाक्टरों को 50 लाख रुपये की बंधक राशि जमा नहीं करनी होगी। एनओसी हलफनामे या शपथ पत्र के आधार पर मिलेगी। सुपर स्पेशलिटी की पढ़ाई के लिए डाक्टर नोटरी करवाकर राज्य से बाहर जा सकेंगे। बांड सेवा बीच में छोड़ने पर यूजी की राशि 25 लाख से घटाकर 10 लाख और पीजी की 50 लाख से घटाकर 20 लाख रुपये होगी।
यूजी डाक्टरों की दो वर्ष की बांड सेवा नियमित चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती के बाद खत्म करने का आश्वासन दिया गया है। पीजी की दो वर्ष की बांड सेवा अवधि पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। जूडा से अवधि घटाने के लाभ और संभावित जोखिम वाला नया प्रस्ताव मांगा गया है।
अनुबंधित पीजीएमओ और सीनियर रेजिडेंट का वेतन पीजी तृतीय वर्ष के डाक्टरों से 2000 रुपये अधिक यानी 95 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है। सुपर स्पेशलिटी कैडर पर स्वास्थ्य मंत्री मुख्यमंत्री से चर्चा कर जल्द नया कैडर बनाने का आश्वासन दिया है। इन आश्वासनों के बाद जूडा ने आंदोलन समाप्त कर दिया।
नर्सिंग संवर्ग के ग्रेड-पे और वेतनमान की मांग को लेकर नर्सिंग आफिसर्स एसोसिएशन ने चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया है। सोमवार को अंबिकापुर, कोरबा और महासमुंद मेडिकल कालेज में नर्सिंग स्टाफ ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। 30 सितंबर को स्कूटी रैली निकाली जाएगी। एसोसिएशन के अनुसार, मांगों पर 14 वर्षों से प्रयास जारी हैं और प्रस्ताव भेजे नौ महीने बीत चुके हैं। मांगों का निराकरण नहीं होने पर 18 नवंबर से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी गई है।