नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को प्रदेश के बहुत सारे स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की गई है। यह भारी बारिश मुख्यतः मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में हो सकती है।
बता दें कि प्रदेश में मानसून पूरे प्रभाव में है और अगले 48 घंटे में उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से संभावना जताई है कि 16 जुलाई के बाद राज्य में बारिश की गतिविधियों में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, तब तक गरज-चमक और भारी बारिश की चेतावनी लगातार जारी रहेगी।
मौसम विभाग ने नागरिकों और विशेषकर किसानों से अपील की है कि वे बिजली चमकने और भारी बारिश के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें। साथ ही ग्रामीण अंचलों में जलभराव और नदियों-नालों के बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्कता बरती जाए।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की सक्रियता के पीछे चार प्रमुख द्रोणिकाएं (ट्रफ लाइन) जिम्मेदार हैं। दक्षिण झारखंड में ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण, जो 5.8 किमी तक विस्तारित है। मानसून द्रोणिका सूरतगढ़ से होकर बंगाल की खाड़ी तक फैली है।
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दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश से झारखंड होते हुए छत्तीसगढ़ तक, 0.9 से 1.5 किमी ऊंचाई तक द्रोणिका बनी है। उत्तर-पूर्व अरब सागर से उत्तर छत्तीसगढ़ तक, 4.5 से 7.6 किमी ऊंचाई तक एक लंबी द्रोणिका सक्रिय है। इसके अलावा पश्चिम असम से होते हुए विदर्भ और उत्तर छत्तीसगढ़ तक एक और द्रोणिका 3.1 किमी ऊंचाई तक बनी हुई है।