छत्तीसगढ़ में घुसपैठियों से काम कराया तो ठेकेदारों पर भी होगी कार्रवाई, 15 नवंबर से दो महीने तक चलेगी धड़ाधड़ कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में अवैध प्रवासियों के खिलाफ 15 नवंबर से दो माह का सघन अभियान चलेगा। शरण देने वालों और फर्जी दस्तावेज बनाने वालों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Publish Date: Wed, 28 Oct 2026 07:14:22 PM (IST)Updated Date: Wed, 28 Oct 2026 07:15:38 PM (IST)
छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा समीक्षा बैठक में जानकारी लेते हुए। साथ में हैं गृह सचिव नेहा चंपावत, डीजीपी अरुण देव गौतम, खुफिया प्रमुख अमित कुमार। - डीपीआरHighLights
- पंद्रह नवंबर से चलेगा दो माह सघन अभियान
- फर्जी दस्तावेज बनाने और शरणदाताओं पर होगी कार्रवाई
- किराएदारों और फेरीवालों का अनिवार्य होगा पुलिस सत्यापन
राज्य ब्यूरो,नईदुनिया, रायपुर। राज्य में अवैध प्रवासियों की पहचान और उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए 15 नवंबर से 15 जनवरी 2027 तक प्रदेशव्यापी सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। अब तक दर्ज 25 प्रकरणों में 49 लोगों की गिरफ्तारी और 34 लोगों का निर्वासन किया जा चुका है। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बुधवार को नवा रायपुर में जिला नोडल अधिकारियों की बैठक लेकर औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माण स्थलों, किराए के मकानों, होटलों और धर्मशालाओं की जांच के निर्देश दिए।
अभियान में अवैध प्रवासियों को काम या आश्रय देने वाले ठेकेदारों, नियोक्ताओं तथा फर्जी आधार कार्ड और पासपोर्ट बनवाने वालों पर भी कार्रवाई होगी। संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी देने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया गया है।
रायपुर, कोरबा और रायगढ़ पर विशेष नजर
गृह मंत्री ने रायपुर, कोरबा और रायगढ़ समेत प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में संभावित हॉटस्पॉट चिह्नित कर एक साथ जांच करने को कहा है। उन्होंने ठेकेदारों और कारोबारियों से बिना वैध दस्तावेजों वाले विदेशी नागरिकों को रोजगार नहीं देने तथा श्रमिकों का सत्यापन सुनिश्चित करने की अपील की।
किराएदारों और फेरीवालों का होगा पंजीयन
मकान मालिकों को किराएदारों के दस्तावेज लेकर उनका सत्यापन कराना होगा। इसके लिए किराएदारों की जानकारी साझा करने वाले एप को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। गांवों में ग्राम सभाओं और शहरों में पार्षदों के सहयोग से संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी जुटाई जाएगी। फेरी लगाकर सामान बेचने वालों के पंजीयन की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रत्येक जिले में इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त होगा।
बनेगा विशेष सॉफ्टवेयर, फर्जी आधार होंगे निष्क्रिय
अवैध प्रवासियों की जानकारी, दस्तावेजों के सत्यापन और जिलों में हुई कार्रवाई का रिकॉर्ड रखने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया जाएगा। फर्जी पाए गए आधार कार्ड संबंधित प्राधिकरण के माध्यम से नियमानुसार निष्क्रिय कराए जाएंगे। संदिग्ध पासपोर्ट और अन्य पहचान पत्रों की जांच भी होगी।
पूरे नेटवर्क तक पहुंचेगी जांच
विजय शर्मा ने कहा कि जांच केवल संदिग्ध व्यक्ति तक सीमित नहीं रहेगी। उसे लाने, आश्रय देने, रोजगार उपलब्ध कराने और फर्जी दस्तावेज बनवाने वाले नेटवर्क की भी पड़ताल होगी। अवैध प्रवासी पाए जाने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत होल्डिंग सेंटर और निर्वासन की कार्रवाई की जाएगी। गृह सचिव नेहा चंपावत और डीजीपी अरुण देव गौतम ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की मानक प्रक्रिया के अनुसार जांच तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।