
रायपुर। स्कूली शिक्षा स्तर में सबसे निचले पायदान पर रहने वाले छत्तीसगढ़ ने चार साल के भीतर लंबी छलांग लगाई है। देश के 35 राज्यों में तीसरी, पांचवीं और आठवीं स्तर के बच्चों की उपलब्धि स्तर जांचने के लिए कराए गए सर्वे में छत्तीसगढ़ 19वें नंबर पर है।
नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2017 की सभी राज्यों के लिए जारी रिपोर्ट कार्ड के आंकड़े इसकी तस्दीक भी कर रहे हैं। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने सर्वे करने के बाद 35 राज्यों की रिपोर्ट जारी की है। पिछली बार जब 2014 में सर्वे रिपोर्ट आई थी तब छत्तीसगढ़ सबसे निचले पायदान पर 35वें नंबर पर था।
इसके बाद राज्य में लगातार सरकारी स्कूल के बच्चों के शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए प्रयास किए गए। हालांकि संपूर्ण राष्ट्रीय औसत उपलब्धि स्तर 61 की तुलना में छत्तीसगढ़ का संपूर्ण राष्ट्रीय औसत उपलब्धि स्तर 58 है, जो कि तीन प्रतिशत कम है।
राजस्थान पहले नंबर पर
देश का संपूर्ण राष्ट्रीय औसत उपलब्धि स्तर 61 है, जबकि राजस्थान राष्ट्रीय औसत उपलब्धि स्तर के मुकाबले 75 प्रतिशत उपलब्धि स्तर से पहले स्थान पर है। दूसरे नंबर पर कर्नाटक 72, चंडीगढ़ 70 प्रतिशत से बेहतर रहा। गुजरात 66 , झारखंड 66 , उत्तराखंड 65, महाराष्ट्र व बिहार 62, मध्यप्रदेश 60, ओडिशा 59 छत्तीसगढ़ 58 प्रतिशत से है। सबसे कम अस्र्णांचल प्रदेश का संपूर्ण उपलब्धि स्तर 47 रहा।
ये रहा मूल्यांकन का मापदंड
भाषा: हिन्दी में पैराग्राफ पढ़कर समझना और जवाब देना।
पर्यावरण: पर्यावरण में सूझबूझ, आसपास की समझ, विज्ञान से सम्बंधित सवाल।
गणित: जोड़, घटाना, गुणा, भाग, ज्यामिति , आकृति तर्क वाले सवाल।
सामाजिक विज्ञान: मानचित्र आधारित , भूगोल के सवाल ।
प्रदेश में यह रही स्थिति
कक्षा विज्ञान/ पर्यावरण भाषा गणित सामाजिक विज्ञान
तीसरी 62 65 60
पांचवीं 53 55 47
आठवीं 56 36 44 45
( कक्षावार व विषयवार प्रदेश के बच्चों की उपलब्धि का स्तर)
राज्य ने स्तर सुधारने किया प्रयास
आरटीई में संशोधन हुए बगैर पांचवीं-आठवीं की परीक्षा की शुरुआत ।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान में अफसरों ने की मॉनिटरिंग ।
अंग्रेजी-गणित की समझ बढ़ाने के लिए किट का इस्तेमाल ।
सैंपलिंग कर किया सर्वे
देशभर की सरकारी स्कूलों में तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का नेशनल अचीवमेंट सर्वे 13 नवंबर 2017 को हुआ था। छत्तीसगढ़ के 27 जिलों में 35 हजार प्राइमरी-मिडिल स्कूलों से सैंपलिंग सिस्टम से बच्चों की परीक्षा ली गई थी। इनमें तीसरी कक्षा से 25 हजार 652, पांचवीं से 25500 और आठवीं में 32 हजार 689 बच्चों को शामिल किया गया था।
सुधार हुआ है, लेकिन समीक्षा करेंगे
पिछले सालों की अपेक्षा बेहतर सुधार हुआ है, लेकिन अभी आंकड़ों को देखकर कहां कमियां हैं । उसकी समीक्षा करेंगे।
- गौरव द्विवेदी, सचिव, स्कूल शिक्षा