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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ED की रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर के 13 ठिकानों पर छापे, 5.39 करोड़ रुपये की नकदी-सोना जब्त

छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए राज्य के तीन प्रमुख शहरों में एक साथ छापेमारी की। इस द...और पढ़ें

By Deepak ShuklaEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sun, 03 May 2026 03:40:28 PM (IST)Updated Date: Sun, 03 May 2026 03:40:28 PM (IST)
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ED की रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर के 13 ठिकानों पर छापे, 5.39 करोड़ रुपये की नकदी-सोना जब्त
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED की एक और बड़ी कार्रवाई हुई है

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED की एक और बड़ी कार्रवाई
  2. ED ने 5.39 करोड़ से ज्यादा का नकदी-सोना जब्त किया
  3. रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर के कुल 13 ठिकानों को खंगाला गया

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए राज्य के तीन प्रमुख शहरों में एक साथ छापेमारी की। 30 अप्रैल 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई इस कार्रवाई में रायपुर, दुर्ग/भिलाई और बिलासपुर के कुल 13 ठिकानों को खंगाला गया। कार्रवाई का दायरा शराब कारोबारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, बड़े व्यवसायियों और कॉर्पोरेट संस्थाओं तक फैला हुआ है।

छापों में मिला काला धन और कीमती सामान

ED की टीमों को तलाशी के दौरान भारी मात्रा में नकदी और सोना मिला।

53 लाख रुपये नकद बरामद

करीब 3.234 किलोग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग 4.86 करोड़ रुपये आंकी गई। इस प्रकार कुल जब्ती करीब 5.39 करोड़ रुपये की हुई है। इसके अलावा कई अहम दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और डाटा भी हाथ लगे हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है।


2019 से 2022 तक चला संगठित घोटाला

ED की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), रायपुर की FIR पर आधारित है। जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच शराब के लाइसेंस, खरीद और बिक्री प्रक्रिया में एक सुनियोजित नेटवर्क के जरिए अवैध कमीशन वसूला गया।

इस पूरे घोटाले में राजनीतिक पदाधिकारियों, वरिष्ठ नौकरशाहों, शराब निर्माताओं, FL-10A लाइसेंसधारियों और उनके सहयोगियों की संलिप्तता उजागर हुई है। EOW/ACB की चार्जशीट के अनुसार, अब तक करीब 2,883 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का अनुमान है।

9 गिरफ्तार, बड़े पदों पर रहे लोग शामिल

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ED अब तक 9 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें सेवानिवृत्त IAS अधिकारी, CSMCL के तत्कालीन प्रबंध निदेशक (MD), तत्कालीन आबकारी आयुक्त, पूर्व आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र, मुख्यमंत्री के तत्कालीन उप सचिव जैसे प्रभावशाली पदों पर रहे लोग शामिल हैं।

380 करोड़ की संपत्तियां अटैच

ED ने अब तक 6 अस्थायी कुर्की आदेश (PAO) जारी कर लगभग 380 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच किया है। इनमें आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां, बैंक खातों की राशि, वाहन, आभूषण और शेयर शामिल हैं। कई मामलों में इन अटैचमेंट को नई दिल्ली स्थित निर्णायक प्राधिकरण द्वारा पुष्टि भी मिल चुकी है।

81 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में मामला

ED ने विशेष PMLA कोर्ट, रायपुर में अब तक 6 अभियोजन शिकायतें दाखिल की हैं, जिनमें 81 आरोपित व्यक्ति और संस्थाएं शामिल हैं। यह मामला फिलहाल विशेष अदालत, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।

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आगे और सख्त कार्रवाई के संकेत

ED के अनुसार, हालिया छापेमारी से कई नए सुराग और साक्ष्य मिले हैं। आने वाले समय में और संपत्तियों की कुर्की, नई चार्जशीट और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी ने साफ संकेत दिए हैं कि इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में जांच का दायरा और बढ़ेगा और कई बड़े नामों पर शिकंजा कस सकता है।