रायपुर। Chhattisgarh Mahtari: खैरागढ़ विश्वविद्यालय के छात्र जीतेंद्र साहू ने नव दुर्गा स्वरूपा छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का निर्माण कर निर्माता निर्देशक मोहन सुंदरानी को भेंट किया है। वीडियो वर्ल्ड में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत राजकीय गीत 'अरपा पैरी के धार' के गायन से हुई। स्व. नरेंद्र देव वर्मा द्वारा रचित पद्मश्री ममता चंद्राकर द्वारा गाए इस गीत में छत्तीसगढ़ की महिमा को प्रतिपादित किया गया है।
नवदुर्गा स्वरूपा छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का अनावरण पद्मश्री पद्मभूषण, पद्मविभूषण डाक्टर तीजन बाई द्वारा किया गया। मूर्तिकार जीतेंद्र साहू का कहना है कि छत्तीसगढ़ महतारी को नवदुर्गा के जैसे १०वां दुर्गा का रूप छत्तीसगढ़ महतारी के रूप में दिखाया गया है। छत्तीसगढ़ की धरती पर उपजा हुआ अनाज हमारे लिए सोने से कम नहीं। भारत को जिस प्रकार से भारत माता का दर्जा दिया गया है, उसी प्रकार छत्तीसगढ़ को अन्नदात्री छत्तीसगढ़ महतारी का दर्जा दिया गया है।
इस अवसर पर भाजपा रायपुर के अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी, मोहन सुंदरानी, अरुण बंछोर, केशर सोनकर, राधाकिशन सुंदरानी, डायरेक्टर नीरज वर्मा, मनहरन सारवा, प्रल्हाद निषाद, सानू राणा, मूर्तिकार जितेंद्र साहू, मधु बारले, पुनेश साहू, कमलेश साहू, अजय साहू, केशव साहू, किरमानी साहू, अंजलि सिंह राजपूत, कैमरामैन किशोर, सोनल आदि मौजूद थे।
पांच फुट की प्रतिमा
छत्तीसगढ़ महतारी यानी अन्नदात्री की प्रतिमा पांच फुट लंबी और चार फुट चौड़ी है। मोहन सुंदरानी ने बताया कि नव दुर्गा स्वरूपा छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति छत्तीसगढ़ में प्रथम होगी, जिसे नौ देवी माता का स्वरूप दिया गया है।
कोरोना के चलते सादगी से अनावरण
नवदुर्गा स्वरूपा छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम की भव्य तैयारियां थी, लेकिन शासन की गाइड लाइन के अनुसार सादगी से नियमों का पालन कर चंद लोगों की मौजूदगी में कार्यक्रम संपन्न हुआ।