
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। प्रदेश के पहले शासकीय होम्योपैथी कालेज को राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग से 63 सीटों पर प्रवेश की सशर्त मंजूरी मिल गई है। नवा रायपुर के सेक्टर-40, उपरवारा स्थित महाविद्यालय में सत्र 2026-27 से बैचलर आफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएचएमएस) की पढ़ाई शुरू होगी।
इसके साथ ही प्रदेश के युवाओं को होम्योपैथी डाॅक्टर बनने के लिए दूसरे राज्यों के कालेजों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के चिकित्सा आकलन एवं रेटिंग बोर्ड ने निरीक्षण, संसाधनों और निर्धारित मानकों के परीक्षण के बाद अनुमति पत्र जारी कर दिया है।
महाविद्यालय की स्थापना और पाठ्यक्रम शुरू करने के आवेदन का परीक्षण करने के लिए आयोग ने 21 और 22 जुलाई को निरीक्षण किया था। इसके बाद सात सितंबर को सुनवाई हुई थी। महाविद्यालय की सभी 63 सीटों पर प्रवेश नीट में अर्हता प्राप्त अभ्यर्थियों के माध्यम से होगा।
कुल सीटों में न्यूनतम 15 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटे के लिए निर्धारित रहेंगी। शेष 85 प्रतिशत सीटों पर राज्य की सक्षम काॅउंसलिंग संस्था नियमानुसार प्रवेश प्रक्रिया पूरी करेगी। स्वीकृत सीटों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की सीटें भी शामिल हैं। प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात चयनित विद्यार्थियों की श्रेणीवार सूची राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग को उपलब्ध कराई जाएगी।
आयुष शिक्षा को मिलेगा विस्तार
नवा रायपुर में प्रदेश के पहले शासकीय होम्योपैथी महाविद्यालय को प्रवेश की अनुमति मिलना आयुष चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे विद्यार्थियों को होम्योपैथी में उच्च शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे।
- श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री