यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Chhattisgarh News: सहभागी लोकतंत्र पर सुझाव देने छत्तीसगढ़ सरकार ने बनाई टास्कफोर्स
Chhattisgarh News: मंत्री भगत होंगे अध्यक्ष, पांच सांसद व विधायकों के साथ रहेंगे नगरीय निकायों के प्रतिनिधि।
By Kadir KhanEdited By: Kadir Khan
Publish Date: Tue, 19 Oct 2021 02:57:48 PM (IST)Updated Date: Tue, 19 Oct 2021 02:57:48 PM (IST)

Chhattisgarh News: रायपुर, राज्य ब्यूरो। सहभागी लोकतंत्र और विकेंद्रीकृत योजना निर्माण के संबंध में सुझाव देने के लिए सरकार ने टास्कफोर्स का गठन किया है। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में इसका गठन राज्य योजना आयोग ने किया है। टास्कफोर्स के सदस्यों में पांच माननीय सांसद, पांच विधायक, पांच जिला पंचायत के अध्यक्षों, दो-दो नगर निगमों, नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों के अध्यक्षों और प्रदेश में मान्यता प्राप्त दलों के प्रदेश अध्यक्षों को भी सम्मिलित किया गया है।
योजना आयोग के अफसरों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरुप इसके अतिरिक्त क्षेत्र से जुड़े विषय विशेषज्ञों को भी टास्कफोर्स में शामिल किया गया है। टास्कफोर्स का संयोजन सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और सचिव नगरीय प्रशासन विभाग करेंगे। यह टास्कफोर्स योजना निर्माण में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर सुझाव देगा। इसके अतिरिक्त सामाजिक अंकेक्षण के लिए नागरिकों के सशक्तीकरण, वित्तीय प्रबंधन व निगरानी के लिए नागरिकों को प्रशिक्षित करने का उपाय सुझाएगा। बता दें कि अब तक आयोग की तरफ से विभिन्न विषयों पर 14 से अधिक टास्फोर्स का गठन किया जा चुका है।
चिटफंड कंपनी की संपत्तियां होगी कुर्क
छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से चिटफंड कंपनियों में निवेश करने वाले निवेशकों से राशि वापसी के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। मामले में रायपुर जिले के अंतर्गत दो प्रकरणों में कुर्की की कार्रवाई की जा रही है। इसमें ग्राम अमलीडीह प.ह.न 114 में स्थित रकबा 0.324 हेक्ट, 0.011 हेक्ट एवं 0.022 हेक्ट जिसका कुल मूल्य 170.70 लाख रुपये है, की कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
इसी तरह ग्राम तेलीबांधा, अवंति विहार रायपुर, अभनपुर- छछानपैरी में स्थित संपत्ति जिसका कुल मूल्य एक करोड़ 16 लाख 46 हजार 954 रुपये में से 18 लाख 85 हजार 102 रूपये की वसूली की जा चुकी है। इन वसूल किए गए रुपये को दुर्ग कलेक्टर को हितग्राहियों को वापस करने के लिए सौंपा जा चुका है। बतादें कि रायपुर में तीन लाख से अधिक हितग्राहियों ने धन वापसी के लिए आवेदन लगाए हैं।