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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CG Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी में अव्यवस्था, टोकन नहीं कटने से केंद्र से मायूस लौट रहे किसान

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू हुए एक सप्ताह होने को है, लेकिन खरीदी केंद्रों पर ऑफलाइन टोकन की कमी और बारदानों की समस्या से किसान परेशान हैं। राइस मिलरों ने बकाया भुगतान न होने तक कस्टम मिलिंग बंद कर दी है। अब तक सरकार ने राइस मिलरों का पंजीयन भी नहीं किया है, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

By Parag MishraEdited By: Ashish Kumar Gupta
Publish Date: Thu, 21 Nov 2024 08:54:35 PM (IST)Updated Date: Thu, 21 Nov 2024 08:55:05 PM (IST)
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CG Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी में अव्यवस्था, टोकन नहीं कटने से केंद्र से मायूस लौट रहे किसान
छत्‍तीसगढ़ में धान खरीदी। फाइल फोटो

HighLights

  1. कस्टम मिलिंग नहीं कर रहे राइस मिलर, खरीदी केंद्रों को देते है 60 लाख बारदाने।
  2. किसानों को ऑफलाइन टोकन और बारदानों की कमी का करना पड़ रहा है सामना।
  3. कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू हुए लगभग एक सप्ताह होने को है और खरीदी केंद्रों में दिक्कतें भी सामने आने लगी है। बहुत से खरीदी केंद्रों में किसानों को ऑफलाइन टोकन नहीं मिल रहा है तो कुछ सोसाइटियां अभी से बारदानों की कमी से जूझने लगी है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के राइस मिलरों ने भी अपना असहयोग शुरू कर दिया है और बकाया भुगतान होने तक कस्टम मिलिंग नहीं करने का फैसला किया है।

जानकारी के अनुसार अभी तक राज्य सरकार भी राइस मिलरों के पंजीयन के लिए पहल नहीं कर रही है । धान खरीदी केंद्रों को राइस मिलर्स करीब 60 लाख बारदाने उपलब्ध कराते है। इस वर्ष अभी तक राइस मिलरों का पंजीयन नहीं हो पाया है।naidunia_image


राइस मिलरों का कहना है कि आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ेगी और सोसाइटियों को बारदानों की कमी से जूझना भी पड़ सकता है। छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को मांगों को लेकर पत्र भी लिखा है। अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने कहा कि बकाया भुगतान नहीं मिलने के कारण राइस मिलरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

टोकन नहीं मिलने से परेशान हो रहे किसान

दुर्ग जिला में खरीदी केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान बेचने टोकन लेने किसान परेशान है। ऑनलाइन टोकन एप रोजाना सुबह 9.30 बजे खुलता है और 10 से 15 मिनट में ही सारे समितियों के टोकन कट जाते है। इसके चलते समितियों से किसानों को मैनुअल टोकन नहीं मिल पा रहा है। किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। किसानों को पांच दिसंबर तक टोकन दिया जा चुका है।naidunia_image

नहीं मिल रहा ऑफलाइन टोकन

राजनांदगांव जिले के 96 धान खरीदी केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हो रही है। अभी तक 10,627 किसान उपज बेच भी चुके है। किसानों को उपज बेचने के लिए आनलाइन टोकन लेना पड़ रहा है। इसके लिए टोकन तुंहर हाथ एप बनाया गया है। इसमें पांच दिसंबर तक टोकन जारी हो चुका है। अब ऑफलाइन टोकन नहीं मिल रहा है।

धान खरीदी में सियासत

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार किसानों को धान की कीमत 3,100 रुपये प्रति क्विंटल और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने से बचना चाहती है। जानबूझकर खरीदी केंद्रों में अव्यवस्थास्था निर्मित की है तीन दिनों में 68,688 किसानों से मात्र तीन लाख टन धान की खरीदी हुई है। जो भाजपा सरकार के धान खरीदी में अरुचि को दर्शाता है।

ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में धान बेचने के लिए 27 लाख 68,000 किसानों ने पंजीयन करवाया है और सरकार का लक्ष्य 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का है। तीन दिनों में जिस प्रकार से किसानों को टोकन, बारदाना के लिए भटकना पड़ रहा है।

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