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छत्तीसगढ़ के मदरसों की शिक्षा में लागू होगा उत्तराखंड मॉडल, एक हाथ में कुरआन दूसरे में कम्प्यूटर

छत्तीसगढ़ में उत्तराखंड की तर्ज पर मदरसा शिक्षा को आधुनिक बनाने की तैयारी है। राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज और उत्तराखंड वक्फ बोर्ड अध्यक्ष...और पढ़ें

By Manish MishraEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 06:01:37 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 06:03:11 PM (IST)
छत्तीसगढ़ के मदरसों की शिक्षा में लागू होगा उत्तराखंड मॉडल,  एक हाथ में कुरआन दूसरे में कम्प्यूटर
संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित सलीम राज, शादाब शम्स व अन्य। नईदुनिया

HighLights

  1. उत्तराखंड की तर्ज पर आधुनिक बनेगी मदरसा शिक्षा
  2. धार्मिक तालीम संग मिलेगा कंप्यूटर और विज्ञान ज्ञान
  3. मुस्लिम युवाओं को मिलेगा कौशल और बेहतर रोजगार

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रदेश में उत्तराखंड की तर्ज पर मदरसा शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डाॅ. सलीम राज ने बताया कि मदरसा शिक्षा, नई शिक्षा नीति, अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों और मुस्लिम समाज के विकास पर चर्चा हुई। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने वहां मदरसा शिक्षा में किए गए बदलावों और विकसित व्यवस्था की जानकारी साझा की।

उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड को खत्म कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। डा. सलीम राज ने कहा कि मुस्लिम समाज के बच्चों को दीनी और सांस्कृतिक शिक्षा के साथ कंप्यूटर, विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, तकनीकी ज्ञान और रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराना समय की जरूरत है।


पीएम के विजन पर हो रहा काम

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “एक हाथ में कुरआन और दूसरे हाथ में कंप्यूटर” के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा और कौशल के जरिए नई पीढ़ी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। हम राज्य सरकार के सामने उत्तराखंड की तर्ज पर आधुनिक मदरसा शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग करेंगे।

योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर

डाॅ. सलीम राज ने कहा कि शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता, महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और युवाओं के रोजगार से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ मुस्लिम समाज सहित सभी पात्र नागरिकों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से केवल नौकरी तक सीमित न रहने, बल्कि कौशल, तकनीक, उद्यमिता और स्वरोजगार के जरिए आर्थिक रूप से मजबूत बनने का आह्वान किया। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं और युवतियों की शिक्षा व आर्थिक भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। कहा कि समाज की बेटियों को शिक्षा और अवसर मिलने से विकास की गति बढ़ेगी। छत्तीसगढ़ में विद्यार्थियों और युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, तकनीक, रोजगार व उद्यमिता को केंद्र में रखकर काम करने की आवश्यकता है।

उत्तराखंड माडल के अनुभवों पर प्रदेश में भी होगा विचार

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने कहा कि उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में किए गए बदलावों के अनुभव दूसरे राज्यों के लिए उपयोगी हो सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय आधुनिक शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया। प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ में मदरसा शिक्षा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने और अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक अवसर विकसित करने की संभावित कार्ययोजना पर चर्चा हुई।

दीनी व सांस्कृतिक पहचान के साथ आगे बढ़ें

डाॅ. सलीम राज ने कहा कि लक्ष्य ऐसा हो कि मुस्लिम समाज के बच्चे अपनी दीनी व सांस्कृतिक पहचान के साथ डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, शिक्षक, अधिकारी या उद्यमी के रूप में आगे बढ़ें। उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के अनुरूप योजनाओं का लाभ पहुंचाने की बात कही।