छत्तीसगढ़ की राजनीति में यूएस का स्टाइल: मुद्दा था पीएम आवास, आमने-सामने आए उपमुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार के आंकड़ों को 'झूठ का पुलिंदा' करार देत...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 04:12:35 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 04:50:06 PM (IST)
भूपेश बघेल और विजय शर्मा के बीच हुई चर्चा का प्रतीकात्मक विजुअल।- एआईHighLights
- पीएम आवास योजना पर बघेल-विजय आमने- सामने
- नेताओं ने आंकड़ृों के सहारे खुद को बताया गरीब हितैशी
- दावों -प्रतिदावों के बीच दोनों नेताओं के बीच लंबी बहस
परितोष दुबे, नईदुनिया रायपुर। प्रधानमंत्री आवास के मुद्दे पर मंगलवार को रायपुर में हुई चर्चा जमकर सुर्खियां बटोर रही है। राजनेता और राजनीतिक विश्लेषज्ञ इसे अमरीकी पद्धति से हुई चर्चा से जोड़ रहे हैं। वहां राजनेता आमने-सामने एक ही मुद्दे पर अपने-अपने दावे और प्रतिदावे पेश करते हैं। यहां भी कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तो दूसरी ओर भाजपा की ओर से उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने-अपने पक्ष रखे। अपनी सरकारों का रिपोर्ट कार्ड सामने रखा।
प्रेस क्लब में आयोजित चर्चा के शुरुआती दौर में दोनों ने आंकड़ों के सहारे गरीब हितैशी होने का दावा किया। जैसे-जैसे बहस आगे बढ़ी, आंकड़े आरोपों में बदल गए। एक दूसरे पर झूठ बोलने, आंकड़ों को तोड़-मरोड़ कर पेश किए जाने के आरोप लगने शुरू हो गए। चर्चा के अंत में बघेल ने कहा कि भाजपा नेता का दावा झूठ का पुलिंदा है तो विजय शर्मा ने कहा कि पीएम आवास योजना में कांग्रेसी नीतियों के कारण हजारों बेघर रहने पर मजबूर हुए। उन्हीं की हाय से कांग्रेस की नैया डूब गई।
बघेल बोले पोर्टल बंद हुआ, शर्मा ने कहा नहीं हुआ
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने दावा किया कि केंद्र सरकार के पोर्टल बंद होने से छत्तीसगढ़ के आवासहीनों को मकान नहीं मिल पाए। इस पर विजय शर्मा ने कहा कि केंद्र का पोर्टल बंद नहीं हुआ था। राज्य सरकार ने योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास न्याय योजना कर दिया था और उसीके नाम को पोर्टल भी बनवा लिया था।
स्वीकृति, संकल्प और पूर्णता पर विरोधाभाष
दोनों नेताओं के दावे में स्वीकृति, संकल्प और पूर्णता पर विरोधाभाष सामने आया। बघेल जहां स्वीकृति पर अड़े रहे वहीं विजय शर्मा ने संकल्प और पूर्णता के बिंदु को प्रमुखता दी। बघेल बार- बार रमन सिंह के कार्यकाल से लेकर अपने कार्यकाल और फिर बाद में मौजूदा भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान लक्ष्य, स्वीकृति के आंकड़ों पर फोकस करते रहे। वहीं विजय शर्मा ने पूर्णता को अपना हथियार बनाया। उन्होंने कहा कि बघेल सरकार के समय तीन लाख आवास पूर्ण हुए। वहीं, साय सरकार में अब तक 11 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं।
18 लाख का संकल्प लिया, बढ़ रहे उस ओर
विजय शर्मा ने स्वीकार किया कि मौजूदा भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास बनाने का संकल्प लिया गया। उसपर काम किया जा रहा है। अब तक 11 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं।
बघेल कुल संख्या पर अड़े रहे
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि वर्ष 2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना के आधार पर राज्य में 26 लाख से ज्यादा प्रधानमंत्री आवास बनाए ही नहीं जा सकते हैं। जबकि मौजूदा भाजपा सरकार व केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्री और विभागों की घोषणा को जोड़ें तो मकानों का आंकड़ा इससे लाखों ज्यादा है।
नामकरण विवाद, सिंहदेव का इस्तीफा प्रकरण भी गूंजा
दोनों नेताओं की चर्चा में बघेल सरकार के दौरान योजना का नाम बदलने के किए गए प्रयास व तत्कालीन विभागीय मंत्री टीएस सिंहदेव का इस्तीफा प्रकरण भी गूंजा। विजय शर्मा ने दावा किया कि नाम बदलने की जिद और राजनीतिक कारणों से बघेल के कार्यकाल में हजारों लोग बिन आवासों के ही मृत हो गए। योजना इंदिरा या राजीव के नाम पर नहीं चलाई जा रही थी। योजना प्रधानमंत्री के नाम पर है।
गुगली से लेकर, चिट- पट तक की चर्चा
चर्चा में कई बार हल्के फुल्के प्रसंग भी सामने आए। विजय शर्मा ने कहा कि बघेल वरिष्ठ नेता हैं। बघेल उनपर गुगली का प्रयोग करना चाहते हैं। उन्हें अपनी वरिष्ठता का ध्यान रखना चाहिए। शर्मा ने यह भी कहा कि बघेल उनके आंकड़ों को समझ चुके हैं लेकिन भ्रम फैलाने के लिए समझना नहीं चाहते हैं। वहीं चर्चा के बीच में बघेल ने शर्मा पर चुटकी ली कहा कि चिट भी मेरी और पट भी मेरी।
निकलने नहीं देंगे
चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर चुटकी लेने का कोई मौका नहीं छोड़ा। जब विजय शर्मा ने कहा कि आपको बिना जवाब दिए निकलने नहीं देंगे तो बघेल आक्रामक हो गए। उसके बाद माहौल को हल्का बनाते हुए उन्होंने कई बार कहा कि -- निकलने नहीं देंगे।