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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'ऑपरेशन मुस्कान' ने लौटाई परिवारों के चेहरे पर खुशी, पुलिस ने एक महीने में 814 लापता बच्चों को खोज निकाला

छत्तीसगढ़ पुलिस ने गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए ऑपरेशन मुस्कान नाम से विशेष अभियान चलाया। पुलिस ने जुलाई महीने में 814 लापता बच्चों को खोज निकाला और ...और पढ़ें

By Roman TiwariEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sun, 10 Aug 2025 10:33:13 AM (IST)Updated Date: Sun, 10 Aug 2025 10:34:29 AM (IST)
'ऑपरेशन मुस्कान' ने लौटाई परिवारों के चेहरे पर खुशी, पुलिस ने एक महीने में 814 लापता बच्चों को खोज निकाला
छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक महीने में खोजे 814 लापता बच्चें

HighLights

  1. ऑपरेशन मुस्कान के तहत खोजे गए 814 लापता बच्चे
  2. पुलिस ने जुलाई में देश भर से 814 बच्चे किए बरामद
  3. लापता बच्चों में 113 बालक और 701 बालिकाएं शामिल

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: छत्तीसगढ़ पुलिस ने राज्यभर में 814 लापता बालक-बालिकाओं को खोजकर उनके स्वजनों को सौंपा है। एक जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत राज्यभर में 814 लापता बालक-बालिकाओं को तलाशने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

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पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम के निर्देश और पुलिस महानिरीक्षक अजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान में जिलों की पुलिस टीमों ने सराहनीय कार्य करते हुए वर्षो से लापता कई बच्चों को भी खोज निकाला है। इस अभियान में 113 बालक और 701 बालिकाओं को बरामद किया गया।


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इनमें से 122 बच्चे उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश से बरामद किए गए। ऑपरेशन मुस्कान एक बार फिर यह साबित करने में सफल रहा कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बच्चा खोया नहीं रहता।

अभियान के दौरान सामने आए मार्मिक मामले

  • दुर्ग जिले की एक बच्ची जो 2018 से लापता थी, उसे सात साल बाद बिहार के छपरा से बरामद कर परिजनों को सौंपा गया।

  • 2019 में बिलासपुर जिले से लापता एक बच्ची को भी छह साल बाद तलाश कर उसके घरवालों से मिलाया गया।

  • पुलिस के इस प्रयास से न सिर्फ गुमशुदा बच्चों को उनके परिवार मिले बल्कि उनके माता-पिता के चेहरों पर भी वर्षों बाद मुस्कान लौट आई।

7 साल बाद मिली बेटी

वर्ष 2018 में दुर्ग जिले के सुपेला पुलिस थाने में एक मासूम बच्ची की गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया था। पीड़ित परिवार ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि इनकी पुत्री बिना बताये कही चली गई है। आसपास जान-पहचान, रिश्तेदारों के यहां पूछने पर भी उसका कोई पता नहीं चला। इसके आधार पर पुलिस ने लापता बालिका की तलाश शुरू की। आखिरकार पुलिस को सफलता हाथ लगी।बिहार के छपरा जिले से बालिका को बरामद कर पुलिस ने स्वजनों को सौंपकर उनके चेहरे पर मुस्कान लौटाई।

इन जिलों के सबसे अधिक बच्चे मिले

  • सबसे अधिक दुर्ग जिले के 181

  • बिलासपुर जिले के 151

  • जांजगीर-चांपा जिले के 60 बच्चे मिले

राज्यों से बरामद बच्चे

महाराष्ट्र से 31, मध्यप्रदेश से 24, तेलंगाना से 12, ओडिशा से 8, उत्तरप्रदेश से 9, तमिलनाडु से 6, बिहार से 6, झारखंड से 5, आंध्रप्रदेश से 4, दिल्ली से 3, गुजरात से 3, राजस्थान से 4, जम्मू कश्मीर से 4, हिमाचल प्रदेश पंजाब, हरियाणा से एक-एक बच्चे बरामद हुए।

ऑपरेशन मुस्कान का प्रभावी संचालन करने पुलिस मुख्यालय की ओर से दिशा-निर्देशित किया गया था। पुलिस अधीक्षकों और नामांकित नोडल अधिकारियों ने इस अभियान को गंभीरता से लेते हुए एक महीने के भीतर 814 लापता बालक-बालिकाओं को तलाशकर उनके स्वजनों को सौंपा है।

-अजय कुमार यादव, पुलिस महानिरीक्षक