• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

छत्तीसगढ़ में धान पर गर्माई राजनीति, किसान संघ ने उठाया 1,700 करोड़ के चौथे किस्त के बोनस का मुद्दा

भारतीय किसान संघ ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर धान खरीदी का मूल्य बढ़ाकर 3,358 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है। मांगें पूरी न होने ...और पढ़ें

By Sandeep TiwariEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 08:26:02 AM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 08:27:45 AM (IST)
छत्तीसगढ़ में धान पर गर्माई राजनीति, किसान संघ ने उठाया 1,700 करोड़ के चौथे किस्त के बोनस का मुद्दा
छत्तीसगढ़ में धान पर गर्माई राजनीति। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. धान का समर्थन मूल्य 3,358 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग।
  2. 2022-23 की चौथी किस्त का 1,700 करोड़ बकाया बोनस देने की अपील।
  3. मांगें पूरी न होने पर 27 अक्टूबर को घेराव की दी गई चेतावनी।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आनुषंगिक संगठन भारतीय किसान संघ की छत्तीसगढ़ इकाई ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर धान खरीदी का मूल्य बढ़ाने की मांग की है।

संघ चाहता है कि केंद्र सरकार की ओर से पिछले तीन वर्षों में घोषित समर्थन मूल्य में हुई 258 रुपये की वृद्धि जोड़कर राज्य में धान 3,358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाए। फिलहाल किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल पर धान खरीदा जा रहा है। धान का वर्तमान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,441 रुपये से 2,461 रुपये तक है।

बकाया बोनस भुगतान और आंदोलन की चेतावनी

संघ ने पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल, विशेषकर वर्ष 2022-23 की चौथी किस्त का लगभग 1,700 करोड़ रुपये का बकाया धान बोनस भी तत्काल जारी करने की मांग की है। मांगे पूरी नहीं होने पर 27 अक्टूबर को मंत्रालय का घेराव करने की तैयारी में है।


किसान संघ की अन्य मांगें:

  • किसान संघ की अन्य मांगों में धान खरीदी 15 नवंबर से 15 फरवरी तक करना और प्रति तौल अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम लेने का आदेश जारी करने
  • गोवंदन योजना लागू करने, जी-राम-जी योजना को गो संरक्षण एवं गो संवर्धन से जोड़ने
  • बाढ़ से फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कर क्षतिपूर्ति देने और टोकन व्यवस्था सुधारने
  • बड़े किसानों को पांच, लघु किसानों को तीन और सीमांत किसानों को दो टोकन देने
  • दबाव डालकर खाता समर्पण कराने पर रोक
  • अधिक मूल्य पर खाद बेचने वालों पर कार्रवाई और भूमि अधिग्रहण में भारतीय एग्रो इकोनामिक रिसर्च सेंटर के उदयपुर डिक्लेरेशन के अनुसार काम करने
  • जल संरक्षण और वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए मक्का और गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांग शामिल है।

धान खरीदी राज्य की राजनीति का केंद्र बिंदु

  • धान खरीदी राज्य की राजनीति का अहम मुद्दा रही है। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय वर्ष 2014-15 और 2015-16 के दो साल के बकाया बोनस का भुगतान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने 25 दिसंबर 2023, सुशासन दिवस पर किया था।
  • 12 लाख से अधिक किसानों के खातों में 3,716 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। किसानों का दावा है कि बोनस न देने के कारण डा. रमन सिंह सरकार सत्ता से बाहर हुई थी। कांग्रेस की भूपेश सरकार बकाया बोनस देने व धान की कीमत बढ़ाने, किसानों की ऋण माफी का वादा कर सत्ता में आई थी।

धान खरीदी की तैयारियां तेजी

  • धान खरीदी की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। किसी संगठन ने कीमत बढ़ाने की मांग की है, इसकी जानकारी अभी नहीं है। रामविचार नेताम, कृषि मंत्री।
  • संघ ने बकाया बोनस और धान की कीमत बढ़ाने के लिए सरकार को पत्र लिखा है, मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन करेंगे। माधो सिंह ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय किसान संघ

यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में 'मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन' को हरी झंडी, गांव के खेल मैदान से अंतरराष्ट्रीय मंच तक तैयार होगा सुनियोजित मार्ग