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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chhattisgarh Politics: हसदेव अरण्य पर सीएम ने इशारों-इशारों में सिंहदेव पर साधा निशाना

Chhattisgarh Politics: मुख्यमंत्री बोले-पेसा ड्राफ्ट तैयार करने की जिनको जिम्मेदारी दी गई थी, अब तक नहीं सौंपे दस्तावेज।

By Kadir KhanEdited By: Kadir Khan
Publish Date: Sat, 16 Oct 2021 10:20:00 AM (IST)Updated Date: Sat, 16 Oct 2021 10:20:22 AM (IST)
Chhattisgarh Politics: हसदेव अरण्य पर सीएम ने इशारों-इशारों में सिंहदेव पर साधा निशाना

Chhattisgarh Politics: रायपुर (राज्य ब्यूरो)। हसदेव अरण्य बचाने के लिए पदयात्रा निकालकर राजधानी पहुंचे आदिवासियों के पक्ष और विपक्ष को लेकर घमासान मचा हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव आदिवासियों के बीच पहुंचे और उनकी मांगों का समर्थन किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी मुख्यमंत्री निवास में आदिवासियों से बात की। शुक्रवार को मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि कोई ध्यान आकर्षित करने के लिए पदयात्रा कर रहे हैं, उसमें कोई मनाही नहीं है।

नो गो एरिया को लेकर भारत सरकार की तरफ से लिखित में कोई दस्तावेज नहीं है। आदिवासियों की लड़ाई भारत सरकार के साथ है। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जहां गए थे, उस इलाके को आरक्षित किया गया है। भारत सरकार ने 452 वर्ग किलोमीटर की बात कही थी, हम तो 1995 वर्ग किलोमीटर का दायरा रख रहे हैं।


दरअसल, हसदेव के आदिवासी लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं कि राहुल गांधी ने उनके जंगल को बचाने का वादा किया था, लेकिन कांग्रेस की सरकार आने के बाद भी उनको बचाया नहीं जा रहा है। संघर्ष समिति के लोगों ने राहुल से जंगल बचाने की गुहार भी लगाई थी। ऐसे में मुख्यमंत्री ने साफ किया कि जहां राहुल गांधी गए थे, वह इलाका आज भी आरक्षित है।

इशारों इशारों में मंत्री सिंहदेव पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि पेसा को लेकर अब तक ड्राफ्ट तैयार नहीं है। सभी वर्गों से चर्चा करके ड्राफ्ट तैयार करने के लिए जिनको जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने अब तक दस्तावेज नहीं सौंपे हैं। ये कौन लोग हैं, आप जानते हैं। हसदेव बचाओ संघर्ष समिति के आदिवासियों को राज्यपाल का समर्थन मिलने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल संवैधानिक प्रमुख हैं। उनकी तरफ से जो भी आदेश निर्देश होगा, उसका हम पालन करेंगे।

लखीमपुर के किसानों की हत्या पर क्यों दुखी नहीं हुए रमन

कवर्धा की घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला किया। इस पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि किसी घटना पर दुखी होना ठीक है, लेकिन क्या वो लखीमपुर की घटना से दुखी हैं, किसानों के प्रदर्शन से दुखी नहीं हैं। मैं उन्हें जन्मदिन की अग्रिम बधाई देता हूं। कवर्धा में जो घटना हुई और घटना करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई।

मैं तो कहता हूं कि जिसके पास भी सबूत है वह दें, जो भी दंगा भड़काने का दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी। लखीमपुर पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने पर रमन के आरोप पर बघेल ने कहा कि क्या मुख्यमंत्री रहते डा. रमन ने दूसरे राज्यों में मदद नहीं की है। लखीमपुर से किसी और घटना की तुलना नहीं की जानी चाहिए, वो घटना भाजपा की मानसिकता दिखाने वाली घटना है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए तय होगी तारीख

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक 16 अक्टूबर को दिल्ली में होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बैठक में शामिल होंगे। सीडब्ल्यूसी की बैठक को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि कई विषय पर चर्चा होगी। कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के लिए नई तारीख की घोषणा हो सकती है। प्रदेश कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में नाराजगी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में सामंजस्य बिठाना लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया की जिम्मेदारी है कि इसकी व्यवस्था करते चलें।