
सतीश पांडेय, नईदुनिया,रायपुर। राज्य पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के स्टाक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। राज्य सरकार की कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब नए वित्तीय वर्ष में कंपनी का आइपीओ(इनिशियल पब्लिक आफरिंग) जारी होने की उम्मीद है। इस आइपीओ के माध्यम से बाजार से करीब 15,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। विशेषज्ञ संस्था एसबीआइ कैपिटल लिमिटेड ने अपनी व्यवहार्यता रिपोर्ट में इस आइपीओ को पूरी तरह सफल और व्यावहारिक बताया है।
ट्रांसमिशन कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में बढ़ती ऊर्जा मांग को देखते हुए ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार के लिए आगामी चार वर्षों में लगभग 15,000 करोड़ रुपये की निवेश योजना मंजूर की गई है। कंपनी की वित्तीय स्थिति बेहद सुदृढ़ है और इसकी आय में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वर्ष 2024-25 में कंपनी 207 करोड़ रुपये के मुनाफे में रही है। बेहतर प्रदर्शन के कारण कंपनी को इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च और पावर फाइनेंस कार्पोरेशन से लगातार दो वर्षों से सर्वोच्च ए प्लस-प्लस की रेटिंग प्राप्त है।
अधिकारियों ने बताया आइपीओ के बाद भी कंपनी पर राज्य शासन का नियंत्रण पहले की तरह बना रहेगा। कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। प्रस्तावित ढांचे के तहत लगभग पांच प्रतिशत नए इक्विटी शेयर जारी किए जा सकते हैं, जबकि राज्य सरकार अपनी पांच प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश कर सकती है। इससे कंपनी को बड़ी पूंजी जुटाने, पारदर्शिता बढ़ाने और कार्पोरेट गवर्नेंस को सशक्त करने में मदद मिलेगी।
स्टाक एक्सचेंज में लिस्टिंग और आइपीओ जारी करने की प्रक्रिया में आठ से 10 महीने का समय लग सकता है। उम्मीद है कि अगले साल 2027 तक आइपीओ बाजार में आ जाएगा।
-राजेश कुमार शुक्ला,एमडी,राज्य पावर ट्रांसमिशन कंपनी।