
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। बारिश के कारण प्रदेश में राष्ट्रीय राज्यमार्ग सहित लगभग तीन हजार किलोमीटर सड़कें खराब हो गई हैं। इस स्थिति को लेकर उपमुख्यमंत्री और पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव ने शनिवार को बैठक की। उन्होंने खराब सड़कों की मरम्मत में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की और निर्देश दिया कि सभी क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत 15 अक्टूबर तक पूरी की जाए। बैठक में पीडब्ल्यूडी के सचिव मुकेश कुमार बंसल और प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी उपस्थित रहे।
साव ने कहा कि सभी नए कार्यों की जिनकी निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनका निर्माण 15 अक्टूबर से युद्धस्तर पर प्रारंभ किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि नई सड़कों के निर्माण की लागत में वृद्धि होने की संभावना है, जिसके लिए बजट में प्रविधान किया गया है। इसका अर्थ है कि प्रति किलोमीटर सड़क बनाना महंगा हो जाएगा।
साव ने मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी हो। उन्होंने कार्यस्थलों पर सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए यात्रियों की सहूलियत के लिए डायवर्टेड मार्ग उपलब्ध कराने और समुचित साइनेज लगाने को कहा। उन्होंने परफार्मेंस गारंटी की सड़कों की मरम्मत और संधारण के कार्य संबंधित ठेकेदारों के माध्यम से तत्परता से कराने के निर्देश दिए।
साव ने सभी संभागों को मरम्मत और संधारण के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने तत्काल निविदा प्रक्रिया शुरू करने और एजेंसी तय करने के निर्देश दिए। सभी कार्यपालन अभियंताओं को अगले दो-तीन दिनों में अपने कार्यक्षेत्र का निरीक्षण कर सड़कों और पुलों की स्थिति का आकलन करने को कहा गया। इसके साथ ही, उन्होंने सड़कों, पुलों और डिवाइडर्स की मरम्मत, साफ-सफाई और रंगाई-पुताई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कार्यपालन अभियंताओं को सप्ताह में दो-तीन दिन फील्ड में रहने के लिए कहा गया है।