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वर्ष 2014 में रेलवे परियोजनाओं के लिए 300 करोड़ का आवंटन था, इस साल यह बढ़कर 7470 करोड़ पहुंचा

छत्तीसगढ़ में रेलवे बजट 300 करोड़ से बढ़कर 7,470 करोड़ रुपये होने से रेल परियोजनाओं ने अभूतपूर्व रफ्तार पकड़ ली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुस...और पढ़ें

By Sandeep TiwariEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Sun, 12 Jul 2026 10:51:15 AM (IST)Updated Date: Sun, 12 Jul 2026 10:53:04 AM (IST)
वर्ष 2014 में रेलवे परियोजनाओं के  लिए 300 करोड़ का आवंटन था, इस साल यह बढ़कर 7470 करोड़ पहुंचा
भारतीय रेलवे की प्रतीकात्मक तस्वीर। अर्काइव

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ में रेल विकास बजट 24 गुना बढ़ा
  2. 51 हजार करोड़ की रेल परियोजनाओं पर काम
  3. बस्तर और जशपुर तक पहुंचेगा रेल नेटवर्क

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया,रायपुर। छत्तीसगढ़ में डबल इंजन सरकार की सक्रियता से रेल कनेक्टिविटी का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में जारी रेल विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2014 से पूर्व छत्तीसगढ़ को रेल परियोजनाओं के लिए वार्षिक बजट के रूप में मात्र 300 करोड़ रुपये मिलते थे, जो वर्तमान में 2026-27 के दौरान 24 गुना बढ़कर 7,470 करोड़ रुपये हो गया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार यह वित्तीय वृद्धि प्रदेश में चल रहे 51,000 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े रेल इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों की आधारशिला बनी है। इससे प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

1200 किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक का निर्माण

राज्य भर में लगभग 1,200 किलोमीटर नए रेल ट्रैक बिछाने, शत-प्रतिशत रेल विद्युतीकरण और आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली पर तेजी से काम हो रहा है। बस्तर की बहुप्रतीक्षित रावघाट रेल परियोजना के तहत दल्लीराजहरा-अंतागढ़ रेलखंड पर यात्री सेवाएं शुरू हो चुकी हैं, जो क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर है। इसके अतिरिक्त, 8,741 करोड़ रुपये की लागत वाला खरसिया-नवा रायपुर-परमालकसा रेल कारिडोर प्रदेश की लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने के साथ ही औद्योगिक गतिविधियों को नई गति देगा।


दूरस्थ अंचलों का विकास

रेलवे का विस्तार अब उन क्षेत्रों में भी हो रहा है, जो दशकों से रेल सेवा से वंचित थे। जशपुर जिला पहली बार धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना के माध्यम से रेल नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है। इसके साथ ही गढ़चिरौली-बीजापुर-बचेली, अंबिकापुर-बरवाडीह, और चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन जैसी परियोजनाएं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का सूत्रपात करेंगी। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों का 1,680 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा आधुनिकीकरण यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करेगा।

प्रगति का आधार स्तंभ है रेल विकास

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का मानना है कि रेलवे अब केवल परिवहन का एक माध्यम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की प्रगति का आर्थिक आधार स्तंभ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। रेलवे क्षेत्र में हो रहा रिकार्ड निवेश छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख रेल एवं लाजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।