
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया.रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह खबर काम की है। राज्य शासन ने प्रदेश के विभिन्न विभागों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) रा 11 सितंबर 2026 को राजपत्र में प्रकाशित किए जाने के साथ ही ये नियम पूरे राज्य में प्रभावी हो चुके हैं। इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों और राज्य कर्मचारी चयन मंडल को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने भी राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा), क्षेत्रीय कार्यालयों और सभी नगरीय निकायों को इन नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार के नए प्रावधानों के तहत अब तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के सभी पदों पर चयन प्रक्रिया छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से ही पूरी की जाएगी। इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग कराई जाने वाली भर्तियों में एकरूपता लाना और परीक्षा प्रक्रिया को त्वरित बनाना है।
नए नियमों के अनुसार, अभ्यर्थियों का चयन पूरी तरह से योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर होगा। अंतिम मेरिट सूची तैयार करते समय लिखित परीक्षा में प्राप्त प्राप्तांक, अभ्यर्थी द्वारा आवेदन के दौरान दी गई पदों की प्राथमिकता (Preference) और राज्य सरकार के निर्धारित आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। लिखित परीक्षा में बेहतर अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को उनकी पहली पसंद के आधार पर पद आवंटित किए जाएंगे।
जिन तकनीकी या फील्ड स्तरीय पदों के लिए लिखित परीक्षा के बाद कौशल परीक्षा (Skill Test) या शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test) अनिवार्य होगी, वहां चयन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी।
पहला चरण: लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर विज्ञापित पदों की संख्या के मुकाबले 15 गुना अभ्यर्थियों की श्रेणीवार मेरिट सूची तैयार की जाएगी।
दूसरा चरण: शॉर्टलिस्ट किए गए 15 गुना उम्मीदवार ही कौशल या शारीरिक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
अंतिम परिणाम: इस चरण में सफल होने वाले अभ्यर्थियों में से केवल विज्ञापित पदों की संख्या के बराबर ही अंतिम मेरिट सूची जारी की जाएगी।
भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से संचालित करने के लिए कर्मचारी चयन मंडल के प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूती दी गई है। मंडल में एक परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति होगी। इसके साथ ही कार्यों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यकतानुसार अधिकारी-कर्मचारी प्रतिनियुक्ति अथवा नियमों के तहत प्रत्यक्ष नियुक्ति के माध्यम से तैनात किए जाएंगे। यह नई व्यवस्था भर्ती में होने वाले अनावश्यक विलंब को रोकेगी और अभ्यर्थियों को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर नियुक्ति दिलाने में मददगार साबित होगी।