छत्तीसगढ़ में ईओडब्ल्यू और एसीबी से 12 पुलिस कर्मी लौटे गृह विभाग में, देखिए पूरी लिस्ट
छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग ने ईओडब्ल्यू और एसीबी में प्रतिनियुक्ति पर तैनात बारह पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से उनके मूल गृह विभाग को वापस लौटा दी।
Publish Date: Thu, 29 Oct 2026 04:54:17 PM (IST)Updated Date: Thu, 29 Oct 2026 04:57:59 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में ट्रांसफर की प्रतीकात्मक तस्वीर। - अर्काइवHighLights
- सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए दो आदेश
- ईओडब्ल्यू और एसीबी से हटाए गए 12 कर्मी
- सभी कर्मचारियों की सेवाएं मूल विभाग को लौटाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ 12 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं गृह विभाग को वापस कर दी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने 23 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में दो आदेश जारी किए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं।
जारी आदेशों के अनुसार, ईओडब्ल्यू-एसीबी में प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे निरीक्षक, उपनिरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक और आरक्षक स्तर के कर्मचारियों की सेवाएं उनके मूल विभाग यानी गृह विभाग को लौटाई गई हैं। हालांकि, आदेश में इन अधिकारियों और कर्मचारियों की आगे की पदस्थापना के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
पांच निरीक्षक समेत सात कर्मचारियों की सेवाएं वापस
पहले आदेश में निरीक्षक वीरेंद्र चंद्रा, शरद चंद्रा, बृजेश कुशवाहा, संतराम सोनी और उमेंद्र टंडन के नाम शामिल हैं। इनके साथ दो अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवाएं भी गृह विभाग को लौटाई गई हैं। इस सूची में शामिल सभी कर्मचारी ईओडब्ल्यू-एसीबी में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ थे।
दूसरी सूची में तीन निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक और कर्मचारी शामिल
दूसरे आदेश में निरीक्षक पौरुष पुरे और सौरभ द्विवेदी, उपनिरीक्षक जितेंद्र नंदे, सहायक उपनिरीक्षक निर्भय लाल ध्रुव तथा आरक्षक अभिषेक कुमार, रितेश दीवान और सोहन ध्रुव के नाम शामिल हैं। शासन ने इन सभी की सेवाएं भी तत्काल प्रभाव से गृह विभाग को वापस करने का निर्णय लिया है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए आदेश
दोनों आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से राज्यपाल के नाम से जारी किए गए हैं। इनमें प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवाएं गृह विभाग को वापस करने का उल्लेख है। आदेश में किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई अथवा तबादले के कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है। आगे उनकी पदस्थापना गृह विभाग के स्तर पर निर्धारित की जा सकती है।