• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छत्‍तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार: विलेन के रोल ने दी पहचान, मिला सम्मान

मनमोहन सिंह ठाकुर को किशोर साहू सम्मान और सुनील तिवारी को चक्रधर सम्मान से किया जाएगा सम्‍मानित।

By Kadir KhanEdited By: Kadir Khan
Publish Date: Mon, 01 Nov 2021 01:05:00 PM (IST)Updated Date: Mon, 01 Nov 2021 01:05:22 PM (IST)
छत्‍तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार: विलेन के रोल ने दी पहचान, मिला सम्मान

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्तीसगढ़ी फिल्म के विलेन के रूप विख्यात मनमोहन सिंह ठाकुर को हिंदी, छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा निर्माण के क्षेत्र में किशोर साहू सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

मनमोहन ने बताया कि छत्तीसगढ़ी फिल्मों का सफर उतना आसान नहीं था। शुरुआत गांव की रामलीला मंडली से की। इसके बाद धीरे-धीरे कलाकारी को देखते हुए छत्तीसगढ़ी फिल्मों में आफर मिलने लगे।

उन्होंने बताया कि टेका गांव (राजिम) के रहने वाले हैं। परिवार माध्यम वर्ग किसान है।

मनमोहन ने बताया कि छत्तीसगढ़ी फिल्म सबसे पहले 2000 में मोर छैया भुईया से शुरुआत की। इस फिल्म में विलेन की भूमिका निभाई। इसके अलावा मया, झन भूलो मां बाप ला जैसे कई सुपर हिट फिल्म में काम कर चुके हैं।

छत्तीसगढ़ी फिल्मों को दिया संगीत और बिखेरा जलवा

संगीतकार सुनील तिवारी को संगीत एवं कला के क्षेत्र में चक्रधर सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। सुनील ने बताया इस क्षेत्र में करीब 20 से अभिनेता और छत्तीसगढ़ी लोक गीतों में गायन की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही इस क्षेत्र में जाने का लगाव था।


उसी की बदौलत छत्तीसगढ़ी सिनेमा जगत में जगह बना ली है। वहीं बचपन का दिन काफी संघर्ष पूर्ण था। सुनील ने बताया कि अभी 10 से अधिक छत्तीसगढ़ी फिल्में अभिनेता के रूप और 100 से अधिक छत्तीसगढ़ी लोकगीतों में गायन की भूमिका निभा चुके हैं।

सुनील बतौर मुख्य अभिनेता छत्तीसगढ़ी फिल्म कौशल्या, अब्बड़ मया करथों, माटी के लाल, बैरी के मया, गोलमाल, आटो वाले भांटो जैसे कई फिल्म में अभिनव से लोहा मनवाया है। सुनील ने बताया कि अपना पहला गुरु माता शकुंतला तिवारी को मनाते हैं। वहीं सुनील मूलत: डोगरगांव (राजनांदगांव) के रहने वाले हैं।