
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर अब छत्तीसगढ़ के मौसम पर दिखने लगा है। इधर मौसम विशेषज्ञ इसके चक्रवाती तूफान अर्नब में बदलने की संभावना जता रहे हैं। इसके असर से सोमवार को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम विभाग ने 22 सितंबर से दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
अगले दो दिनों में एक-दो स्थानों पर तेज हवा, वज्रपात के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-मध्य और उससे लगे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना हुआ है। इसके साथ चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। अगले 24 घंटे में इसके अवदाब और उसके अगले 24 घंटे में गहरे अवदाब में बदलने की संभावना है। 23 सितंबर की सुबह तक इसके उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तट के पास पहुंचने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटे में कई क्षेत्रों में बारिश हुई। भैरमगढ़ में सबसे अधिक 50 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। गंगालूर में 40, बिहारपुर, रतनपुर, दुर्ग, बेलगहना और पेंड्रारोड में 30-30 मिलीमीटर बारिश हुई। रायपुर में भी 0.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
रायपुर में सोमवार को अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री रहा। मंगलवार को आकाश आंशिक मेघमय रहने और एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 25 डिग्री के आसपास रह सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार 24 सितंबर को बस्तर संभाग में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश में मौसमी वर्षा फिलहाल सामान्य के आसपास है और इसमें छह प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में 22 सितंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। भारी बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवा को देखते हुए खुले क्षेत्रों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत होगी।