
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती सिस्टम का असर अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है, जिसके चलते राज्य में बारिश की गतिविधियों पर लगभग विराम लग गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी तीन दिनों के भीतर प्रदेश के न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके बाद तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। सात नवंबर से पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह से शुष्क बने रहने का अनुमान जताया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पूर्वी तेलंगाना और उससे लगे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण अब कमजोर पड़ रहा है। इसके प्रभाव से गुरुवार को प्रदेश के इक्का-दुक्का स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई। सरायपाली में तीन सेंटीमीटर और कोंटा में दो सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि जगदलपुर में भी हल्की बूंदें गिरीं। हालांकि, अब इस सिस्टम का असर खत्म होने की ओर है और मौसम साफ होने लगा है।
राजधानी रायपुर में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। गुरुवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 3.5 डिग्री अधिक है। शुक्रवार को रायपुर में आसमान मुख्यतः साफ रहने और न्यूनतम तापमान के 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, पूरे प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 15.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे वहां हल्की ठंड का अहसास होने लगा है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि चक्रवाती सिस्टम के पूरी तरह से निष्प्रभावी होने के बाद उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं का असर छत्तीसगढ़ में दिखाई देगा। इससे आगामी तीन दिनों में तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को सर्दी का अहसास बढ़ेगा। सात नवंबर से प्रदेशभर में मौसम के शुष्क रहने के साथ ही ठंड में इजाफा होने की पूरी संभावना है।