
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में शहरी गरीबों और निम्न आय वर्ग के परिवारों को सुलभ आवास उपलब्ध कराने के अभिनव मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के हितग्राहियों के लिए निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षित करने तथा किफायती मकान (एएचपी) उपलब्ध कराने की राज्य की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली (बेस्ट प्रैक्टिस) को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा पुरस्कृत किया गया है।
विश्व पर्यावास दिवस के उपलक्ष्य में नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में छत्तीसगढ़ को यह राष्ट्रीय गौरव प्राप्त हुआ। समारोह में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्य सरकार की ओर से नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सुमित अग्रवाल को यह पुरस्कार सौंपा। केंद्र सरकार ने आवास निर्माण की इस अभिनव नीति की प्रशंसा की है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की निजी कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्गों के लिए जमीन आरक्षित करने का नियम प्रभावी रूप से लागू किया है। इस नीति का सबसे बड़ा लाभ यह हुआ है कि राज्य में बिना किसी सरकारी वित्तीय भार के 25,413 किफायती मकानों के निर्माण के लिए कीमती जमीन उपलब्ध हो गई है। इनमें पीएम आवास योजना (शहरी) के प्रथम चरण के 17,790 मकान तथा द्वितीय चरण के 7,623 मकान शामिल हैं। इस मॉडल से गरीब परिवारों को मुख्य शहर से दूर विस्थापित होने के बजाय सर्वसुविधायुक्त कॉलोनियों में रहने का अवसर मिलेगा, जहां सड़क, सीवरेज, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं।
पक्का घर बेहतर जीवन का आधार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के लक्ष्य के तहत राज्य में काम किया जा रहा है। पक्का घर परिवार को सुरक्षा और बेहतर जीवन का आधार देता है।
- विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
पूरी प्रक्रिया पर काम हुआ
आवास के लिए सिर्फ निर्माण पर ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि जमीन की व्यवस्था से लेकर घर तैयार होने तक की प्रक्रिया पर काम किया गया। इसी व्यवस्था को केंद्र ने राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिया है।
- अरुण साव, उपमुख्यमंत्री