
रायपुर। Chhattisgarhi Culture: शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ के एनएसएस की वरिष्ठ स्वयंसेविका दीक्षा यादव और खुशबू सिन्हा ने राष्ट्रीय सेवा योजना के राष्ट्रीय एकता शिविर में भाग लिया। यह शिविर 10 से 16 मार्च 2021 तक महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली (उत्तरप्रदेश) में आयोजित हुआ। इसमें 11 राज्यों के स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में दीक्षा और खुशबू ने छत्तीसगढ़ी की संस्कृति को बखान करते हुए कई तरह नृत्य प्रस्तुत किया। इनें सुआ नृत्य, राउत नाचा, आदिवासी की नृत्यों पर राष्ट्रीय स्तर मंच में प्रस्तुत करके खूब वाहवाही लूटी। वहीं वेशभूषा में छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाके, बस्तर, सरगुजा के आदिवासी के वेशभूषाओं के बार में अवगत कराया गया।
इस मौके छत्तीसगढ़ की परंपरा को लेकर बारह माह में कौन-कौन त्योहार में किस तरह से परंपरा निभाई जाती है आदि के बारे में जानकारी दी। बताया कि दिवाली के पहले सुआ नृत्य, होली के मौके पर डंडा नाच, हरेली मे जंगल से जंड़ी-बूटी का प्रसाद, राउत नाचा, मंतर महोत्सव, आदिवासियों की परंपरा आदि के बाद में जानकारी दी। बता दें कि दीक्षा और खुशबू ने विभिन्ना प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर महाविद्यालय समेत पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।
हर साल आयोजित होते हैं ऐसे कार्यक्रम
राष्ट्रीय सेवा योजना के राष्ट्रीय एकता शिविर देश में हर साल आयोजित किया जाता है। वहीं इस बार बरेली, उत्तरप्रदेश में आयोजित किया गया। इस शिविर में के माध्यम से विभिन्न राज्यों की स्वयंसेविकाएं हिस्सा लेती हैं, जहां वे अपने-अपने राज्यों का कला, संस्कृति, परंपरा, वेशभूषा आदि के बारे एक मंच में रखते हैं। बता दें कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि कई राज्यों के लोगों को अपनी जगह के बारे में बताया जाए, ताकि अन्य राज्य के लोग यहां की कला, संस्कृति से परिचित हों।