माओवादी अभियान में गंवाए पैर, इस्पात का जिगरा लेकर वर्ल्ड पैरा आर्चरी में छत्तीसगढ़ के लाल ने जीता सोना
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के पैरा तीरंदाज टोमन कुमार ने अहमदाबाद में आयोजित वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में स्वर्ण पदक जीता है। सीआरपीएफ के पूर्व जवान टोमन और श्याम सुंदर स्वामी की जोड़ी ने फाइनल मुकाबले में इराक के खिलाड़ियों को हराया। माओवादी अभियान में अपने पैर गंवाने वाले टोमन ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और कड़े अभ्यास से यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
Publish Date: Tue, 08 Sep 2026 11:06:40 PM (IST)Updated Date: Tue, 08 Sep 2026 11:08:42 PM (IST)
लक्ष्य पर निशाना साधते टोमन कुमार। -आयोजकHighLights
- टोमन कुमार ने जीता स्वर्ण पदक
- अहमदाबाद में हुई आर्चरी स्पर्धा
- माओवादी अभियान में गंवाए थे पैर
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर।: गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज (स्टेज-03) में प्रदेश के पैरा तीरंदाज व वर्ल्ड चैंपियन टोमन कुमार ने देश को स्वर्ण पदक दिलाया है। टोमन बालोद के अहिबर नवागांव के रहने वाले हैं। मंगलवार को भारतीय तीरंदाजों ने कुल दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किए। टोमन और श्याम सुंदर स्वामी की पुरुष कंपाउंड जोड़ी ने फाइनल मुकाबले में इराक के अब्बास काधिम और अनवर अलदावोड को 152-139 के बड़े अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
मुकाबले की शुरुआत में भारतीय जोड़ी को थोड़ी मशक्कत करनी पड़ी और पहले राउंड में आठ अंक मिले। इसके बाद इस जोड़ी ने बेहतरीन वापसी करते हुए लय हासिल की। अगले 12 तीरों में टोमन-श्याम सुंदर ने सटीक निशाना साधते हुए केवल पांच अंक गंवाए। दोनों खिलाड़ियों ने इराकी खिलाड़ियों को वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया।
माओवादी विरोधी अभियान में गंवाए थे पैर
वर्ष 2022 फरवरी में झारखंड के लोहरदगा जिले के पेशरार थाना क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान 'आपरेशन डबल बुल' चल रहा था। यहां माओवादियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आइईडी की चपेट में आकर सीआरपीएफ जवान (कोबरा बटालियन) टोमन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। विस्फोट में उन्होंने अपना एक पैर खो दिया। लंबे इलाज, व्हीलचेयर और फिर आर्टिफिशियल पैर के सहारे दोबारा खड़े होने की जद्दोजहद आसान नहीं थी। शारीरिक पीड़ा के साथ मानसिक संघर्ष भी कम नहीं था। टोमन ने हार नहीं मानी और पैरा तीरंदाजी को लक्ष्य बनाया। शुरुआत कठिन थी, लेकिन अनुशासन और निरंतर अभ्यास ने उन्हें मजबूती दी।
टोमन की अब तक की उपलब्धियां
विश्व पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप (दक्षिण कोरिया, सितंबर 2025): पुरुषों के कंपाउंड ओपन व्यक्तिगत वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ वे पैरा तीरंदाजी में विश्व चैंपियन बनने वाले भारत के पहले पुरुष तीरंदाज बने।
बैंकाक पैरा तीरंदाजी सीरीज ( अप्रैल-2026): बैंकाक में पैरा तीरंदाजी में कंपाउंड पुरुष टीम स्पर्धा और कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा दोनों में स्वर्ण पदक जीता था।
सीआरपीएफ की केंद्रीय टीम में चयन: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के पैरा तीरंदाज टोमन कुमार ने अहमदाबाद में आयोजित वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में स्वर्ण पदक जीता है। सीआरपीएफ के पूर्व जवान टोमन और श्याम सुंदर स्वामी की जोड़ी ने फाइनल मुकाबले में इराक के खिलाड़ियों को हराया। माओवादी अभियान में अपने पैर गंवाने वाले टोमन ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और कड़े अभ्यास से यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
एक साल के अभ्यास में मिली टीम में जगह
नवंबर 2023 से पैरा तीरंदाजी का अभ्यास शुरू करने के महज एक साल के भीतर (सितंबर 2024 में) उन्हें सीआरपीएफ की मुख्य तीरंदाजी टीम में शामिल किया गया।