सुकमा में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कहा- राहत कार्यों में न आए कोई कमी
छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर अंचल में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खुद जमीनी हकीकत जानने सुकमा पहुंचे। मुख्यमंत्री ने ज...और पढ़ें
By Gaurav TiwariEdited By: Gaurav Tiwari
Publish Date: Mon, 28 Sep 2026 05:14:31 PM (IST)Updated Date: Mon, 28 Sep 2026 05:14:31 PM (IST)
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सीधे राहत शिविरों में पहुंचे और वहां शरण लिए हुए बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।डिजिटल टीम, सुकमा। छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर अंचल में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खुद जमीनी हकीकत जानने सुकमा पहुंचे। मुख्यमंत्री ने जिले के बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों का व्यापक दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और राहत शिविरों में प्रशासनिक व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
प्रभावितों से मिले मुख्यमंत्री, जाना हाल-चाल
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सीधे राहत शिविरों में पहुंचे और वहां शरण लिए हुए बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों और बच्चों से बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना और शिविरों में भोजन, पेयजल व चिकित्सा की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस प्राकृतिक आपदा की घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और किसी को भी परेशान होने नहीं दिया जाएगा।
जिला प्रशासन की ली समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री ने मौके पर ही जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों के साथ समीक्षा कर बाढ़ के ताजा हालात, जलभराव के स्तर तथा अब तक चलाए गए राहत एवं बचाव अभियानों की विस्तृत रिपोर्ट ली।
अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्बाध प्रबंध सुनिश्चित किया जाए। बाढ़ प्रभावित दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव दल लगातार अलर्ट मोड पर रहें। राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जलभराव से हुए नुकसान का त्वरित सर्वे कराकर प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली सरकारी सहायता प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
मुख्यमंत्री के इस त्वरित दौरे से जहां बाढ़ प्रभावित लोगों में सुरक्षा और राहत का विश्वास जगा है, वहीं स्थानीय प्रशासन ने भी बचाव और राहत अभियानों की गति को और तेज कर दिया है।