• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Cloth-Shoes Price Hike: नए-नए कपड़े और जूते खरीदने के शौकीन हैं तो जान लीजिए नए साल से महंगे होंगे दाम

Cloth-Shoes Price Hike: जीएसटी काउंसिल द्वारा कपड़े और जूते उद्योग के इनवर्टेड शुल्क ढांचे में बदलाव किया जा रहा है।

By Kadir KhanEdited By: Kadir Khan
Publish Date: Sun, 14 Nov 2021 10:05:00 AM (IST)Updated Date: Sun, 14 Nov 2021 10:05:35 AM (IST)
Cloth-Shoes Price Hike: नए-नए कपड़े और जूते खरीदने के शौकीन हैं तो जान लीजिए नए साल से महंगे होंगे दाम

Cloth-Shoes Price Hike: रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अगर आप नए-नए कपड़े और जूते खरीदने के शौकीन हैं तो आप जान लीजिए नए साल से एक जनवरी 2022 से कपड़े व जूते की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। बताया जा रहा है कि जीएसटी काउंसिल द्वारा कपड़े और जूते उद्योग के इनवर्टेड शुल्क ढांचे में बदलाव किया जा रहा है। यह बदलाव होने के बाद कपड़े व जूतों की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हो जाएगी।

गौरतलब है कि कपड़ा और जूता उद्योग से जुड़े लोग लंबे समय से ढांचे में बदलाव की मांग कर रहे थे। इस क्षेत्र के कारोबारियों का कहना था कि जूता बनाने के लिए कच्चा माल पर 12 फीसद जीएसटी है और तैयार माल पर पांच फीसद जीएसटी है।


इस नुकसान की भरपाई के लिए कच्चे माल की कीमतों में पांच फीसद जीएसटी है और महंगे जूतों पर 18 फीसद जीएसटी लगता है। बताया जा रहा है कि जनवरी से कपड़ों की कीमत भी बढ़ाई जा सकती है। सीए दिनेश तारवानी ने बताया कि एक जनवरी से यह बदलाव होना है। इसके बाद इसका असर दिखेगा।

इन कारणों से बढ़ेंगे दाम

जानकारी के अनुसार अभी एमएमएफ फैब्रिक सेगमेंट( फाइबर और यार्न) में इनपुट पर 18 फीसद और 12फीसद जीएसटी लगता है। जबकि एमएमएफ फैब्रिक पर जीएसटी की दर पांच फीसद और तैयार माल पर पांच फीसद और 12 फीसद है। इसके चलते इनपुट पर जीएसटी आउटपुट से ज्यादा होती है। इस तरह से कपड़ों व जूतों पर टैक्स के ढांचो में बदलाव होने से आम जनता की जेब पर इसका असर पड़ेगा।