यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सीएम बघेल ने नक्सल प्रभावित बंद 260 स्कूलों का खोला द्वार तो बच्चों ने कहा 'धन्यवाद कका
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों में बंद 260 स्कूलों का दोबारा शुभारंभ किया।
By Ashish Kumar GuptaEdited By: Ashish Kumar Gupta
Publish Date: Fri, 17 Jun 2022 08:38:39 AM (IST)Updated Date: Fri, 17 Jun 2022 08:38:39 AM (IST)

रायपुर। राज्य ब्यूरो। जिन स्कूलों के आसपास 15 वर्ष तक लगातार गोलियों की तड़-तड़ की आवाज सुनाई देती रही। जहां स्कूल भवनों को नक्सलियों ने ढहा दिया था, वहां एक बार फिर से शिक्षा की रौशनी जल उठी है। वर्षोंं से धराशायी हो चुके इन स्कूलों में गोेलियों की आवाज की जगह वर्षों बाद बच्चों ने अ, आ, इ, ई ... पढ़ी। बंद स्कूलों को दोबारा खोले जाने पर यहां के बच्चों और अभिभावकों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 'धन्यवाद कका कहकर आभार प्रकट किया।
मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय से ही आनलाइन आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों में बंद 260 स्कूलों का दोबारा शुभारंभ किया। इनमें बीजापुर के 158, सुकमा के 97, नारायणपुर के चार और दंतेवाड़ा का एक स्कूल शामिल है। इन स्कूलों में 11 हजार से अधिक बच्चे पढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने फिर से खुले इन स्कूलों में प्रवेशित बच्चों और उनके अभिभावकों से वर्चुअल संवाद भी किया।
तीसरी के बच्चे ने बतायी सीएम को अपनी पीड़ा
बीजापुर के प्राइमरी स्कूल नयापारा, पढेडा में कक्षा तीसरी में भर्ती हुए राजेश मड़ियाम से मुख्यमंत्री ने पूछा कि स्कूल में आकर कैसा लग रहा है ? इस पर बच्चे ने बताया कि वह पहले पहले चेरपाल पढ़ने जाता था। घर से स्कूल बहुत दूर था। बारिश के दिनों में स्कूल आने-जाने में भारी दिक्कत होती थी। उसने मुख्यमंत्री को बहुत ही भोलेपन से 'धन्यवाद ककाकहा। राजेश के पिता रमेश ताती ने बताया कि कुड़ेनार ग्राम पंचायत में पिछले 17 वर्षों से स्कूल बंद था। बच्चों को नदी, नाला और जंगल पार करते हुए दूर के स्कूलों में जाना पड़ता था।
2006 से बंद स्कूल में गूंजी बच्चों की आवाज
सुकमा के कोंटा स्थित प्राइमरी स्कूल करीगुंडम में पांचवीं के छात्र मड़कम दुला ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब घर के पास स्कूल हो जाने से अच्छा लग रहा है। यह स्कूल वर्ष 2006 से बंद था। मुख्यमंत्री ने नारायणपुर के प्राथमिक शाला बड़कानार में तीसरी में पढ़ने वाले सुखबेर दोदी और पहली कक्षा में प्रवेशित कु. रीता तथा दंतेवाड़ा के प्राइमरी स्कूल मासापारा, भांसी में कक्षा तीसरी में पढ़ रहे राकेश आयटू और कु.राखी से भी बात की। इसी तरह दंतेवाड़ा के प्राइमरी स्कूल मासापारा में तीसरी में पढ़ रहे राकेश आयटू के पिता मनोज कुंजाम ने मुख्यमंत्री को बताया कि गांव के स्कूल को नक्सलियों ने तोड़ दिया था। हमें नदी-नाला पार करके स्कूल जाना पड़ रहा था।