
रायपुर(ब्यूरो)। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बिलासपुर जिले के ग्राम पेण्डारी के नसबंदी शिविर में ऑपरेशन के बाद बीमार हुई महिलाओं के बेहतर इलाज की व्यवस्था के बारे में बुधवार को सुबह अपने निवास कार्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बाद में शाम को मुख्यमंत्री अपने निवास कार्यालय में ही अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली से आए वरिष्ठ डॉक्टरों की बैठक में पेण्डारी नसबंदी शिविर में ऑपरेशनों के बाद बीमार हुई महिलाओं के इलाज की व्यवस्था के संबंध में विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमार महिलाओं के बेहतर इलाज के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्हें और भी अधिक बेहतर इलाज की सुविधा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बैठक में बिलासपुर पहुंची एम्स नई दिल्ली की टीम के प्रमुख चिकित्सा विशेषज्ञ से टेलीफोन पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमार महिलाओं का सर्वश्रेष्ठ इलाज राज्य सरकार द्वारा करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मंगलवार शाम को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से टेलीफोन पर एम्स नई दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बिलासपुर भेजने का आग्रह किया था। विशेष विमान में यह टीम बुधवार की सुबह बिलासपुर पहुंची। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल, मुख्य सचिव विवेक ढांड, पंचायत और ग्रामीण विकास के अपर मुख्य सचिव एमके राउत, प्रमुख सचिव लोक निर्माण अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह, श्रम सचिव डॉ. जितेन कुमार, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव रजत कुमार मौजूद थे।
एम्स नई दिल्ली से आए वरिष्ठ डॉक्टरों ने बाद में शाम को रायपुर में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर नसबंदी शिविर में ऑपरेशनों के बाद बीमार हुई महिलाओं के इलाज की व्यवस्था के संबंध में विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) के डॉक्टर लगातार एम्स नई दिल्ली के डॉक्टर्स के संपर्क में रहकर उनसे मार्गदर्शन लेते रहेंगे। एम्स के डॉक्टर्स ने दिल्ली से बिलासपुर पहुंचकर वहां के अस्पतालों में दाखिल इन महिलाओं के स्वास्थ्य और उनके चिकित्सा प्रबंधों का जायजा लिया। डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री को बताया कि सिम्स, जिला अस्पताल व अपोलो अस्पताल में स्थानीय स्तर पर इन मरीजों के इलाज और देखभाल की हरसंभव बेहतर से बेहतर व्यवस्था की गई है। कई मरीजों की हालत में सुधार भी देखा जा रहा है, लेकिन ज्यादा गंभीर मरीजों को बिलासपुर में ही अपोलो अस्पताल में भर्ती किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिकारियों को अपोलो अस्पताल प्रबंधन के निरंतर संपर्क में रहने के निर्देश दिए।
निजी अस्पतालों के डॉक्टर्स की भी सेवाएं
डॉ. सिंह ने कहा कि यदि अपोलो प्रबंधन चाहे तो राज्य सरकार राजधानी रायपुर के प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों के डॉक्टर्स से भी वहां कुछ दिनों तक अपनी सेवाएं देने के लिए आग्रह कर सकती है। शासकीय डॉक्टरों को भी वहां भेजा जा सकता है। इसके लिए हर जरूरी संसाधन दिए जाएंगे। एम्स नई दिल्ली के डॉ. अंजन त्रिखा ने विश्वास दिलाया कि उनकी टीम के सभी डॉक्टर छत्तीसगढ़ को अपनी सेवाएं देने के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल, मुख्य सचिव विवेक ढांड, अपर मुख्य सचिव एमके राउत भी मौजूद थे। एम्स नई दिल्ली से आए चिकित्सक दल में डॉ. नीना, डॉ. संजीव सिन्हा, डॉ. कपिल, प्रोफेसर संजय अग्रवाल, प्रोफेसर आरती कपिल और डॉ. एम. महापात्र शामिल हैं।